MP News : उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में बुधवार को बेगमबाग क्षेत्र में उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) की बड़ी कार्रवाई हुई। मुस्लिम बाहुल्य इलाके में 12 अवैध मकानों और दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई तड़के सुबह सात बजे शुरू हुई।
लगभग आठ बजे जेसीबी और पोकलेन मशीनें गरजने लगीं। हरिफाटक मार्ग से महाकाल घाटी मार्ग को पूरी तरह बंद करना पड़ा। भारी पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय लोगों ने विरोध किया। लेकिन प्रशासन ने वरिष्ठ नागरिकों से बातचीत कर स्थिति संभाल ली। कार्रवाई शांतिपूर्ण रही।
UDA के सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि यह लीज़ डीड के उल्लंघन पर पांचवीं कार्रवाई है। तीन प्लॉट्स को तोड़कर बनाए गए 12 निर्माण (मकान और दुकानें) को निशाना बनाया गया। चार पोकलेन, तीन जेसीबी मशीनें और नगर निगम के 50 से ज्यादा कर्मचारी लगे। भारी पुलिस फोर्स ने सुरक्षा सुनिश्चित की।
सोनी ने कहा कि हाईकोर्ट से स्टे हटने के बाद यह एक्शन लिया गया। बेगमबाग में 1985 में 34 प्लॉट्स 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए थे। नियम साफ थे- न बेचना, न व्यावसायिक उपयोग। लेकिन कई ने प्लॉट काटे। दुकानें-होटल खोलीं। लीज का भुगतान भी बंद कर दिया। इसी उल्लंघन पर कार्रवाई हुई।
24 अक्टूबर को सभी 12 परिवारों को अंतिम नोटिस दिया गया था। इससे पहले इसी इलाके में 27 निर्माण गिराए जा चुके। कुल 60 से ज्यादा अवैध स्ट्रक्चर हटाकर जमीन UDA के कब्जे में ली जाएगी। खाली जगह पर सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए 24 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी।
महाकाल मंदिर तक श्रद्धालुओं का सुगम मार्ग तैयार होगा। सोनी ने जोर देकर कहा कि यह विकास के लिए जरूरी है। अवैध कब्जे हटाने से शहर की सुंदरता बढ़ेगी। लेकिन कुछ लोगों के पास अभी भी हाईकोर्ट से स्टे है। उनकी कार्रवाई लंबित रहेगी।
जिन मकानों पर बुलडोजर चला:
भूखंड क्र. 26 : सैयद लियाकत अली और रोशनी बी के दो निर्माण।
भूखंड क्र. 48 : साजिद अहमद खान, रईस मोहम्मद, अब्दुल खालिक, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद नासिर, अकेला बी, एजाज अहमद के सात निर्माण।
भूखंड क्र. 63 : अनीशा बी, अब्दुल नासिर, उवैस शेख, आयशा बी, फेमिदा के तीन निर्माण।
ये सभी प्लॉट्स आवासीय थे लेकिन दुकानें चला रही थीं। लीज रद्द हो चुकी। परिवारों को नोटिस के बाद भी हटने का मौका दिया गया लेकिन कार्रवाई जरूरी हो गई। स्थानीय लोगों ने सुबह उठते ही मशीनें देखीं। घबराहट फैली। कुछ ने रोड जाम करने की कोशिश की लेकिन एसपी नितेश भार्गव और एसडीएम एलएन गर्ग ने समझाया। वरिष्ठजनों से बात की। विरोध शांत हो गया।