Vidisha News : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के उदय नगर क्षेत्र से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो पालतू जानवरों के प्रति मानव के अटूट स्नेह को दर्शाती है। ऊधम सिंह अहिरवार के परिवार ने अपनी फीमेल डॉग टफी को बेटी समान मानकर उसकी मौत पर ऐसी विदाई दी, जैसे किसी करीबी का अंतिम संस्कार हो।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, टफी की मौत के बाद परिवार ने शव को फ्रीजर में रखा, ताकि बेंगलुरु में रहने वाला बेटा हेमंत भी अर्थी में शामिल हो सके। हेमंत दो दिन बाद कार से विदिशा पहुंचे। लेकिन इस भावुक पल में डीजे की तेज आवाज को लेकर झांकी समिति के साथ विवाद हो गया, जो अब पुलिस केस बन चुका है। एक ओर परिवार डीजे को टफी की मौत का जिम्मेदार ठहरा रहा है, वहीं झांकी वाले तोड़फोड़ का आरोप लगा रहे हैं।
ऊधम सिंह अहिरवार का परिवार टफी को अपना परिवार का हिस्सा मानता था। टफी की मौत 25 सितंबर 2025 को हुई, जब वह हार्ट अटैक से गुजरी। परिवार ने तुरंत उसके शव को फ्रीजर में रख दिया, ताकि बेटा हेमंत बेंगलुरु से आ सके।
हेमंत ने बाया रोड से कार चलाकर दो दिन बाद विदिशा पहुंचकर अर्थी में कंधा दिया। ऊधम सिंह की पत्नी लेखा और बेटी ऐश्वर्या ने टफी के नाम और पंजे के निशान वाला टैटू अपनी बाजुओं पर गुदवा लिया। परिवार ने टफी के लिए पारंपरिक अंतिम संस्कार किया। अर्थी सजाई गई और अंतिम विदाई में मोहल्ले के कई लोग शामिल हुए।
डीजे की तेज आवाज
टफी की मौत के बाद परिवार ने डीजे को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि मोहल्ले की झांकी में बज रहे तेज डीजे की आवाज से टफी को हार्ट अटैक आया। ऊधम सिंह ने कहा, “टफी शोर से डर जाती थी। डीजे की धुन ने उसे परेशान कर दिया।” अर्थी निकालते समय परिवार ने झांकी समिति से डीजे बंद करने की मांग की, लेकिन विवाद हो गया।
झांकी समिति के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि परिवार ने गुस्से में डीजे सिस्टम और लाइटें तोड़ दीं। एक कार्यकर्ता ने कहा, “हम नवरात्रि की झांकी निकाल रहे थे। परिवार ने बिना वजह तोड़फोड़ की।”
विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्ष थाने पहुंचे। परिवार ने डीजे संचालकों पर टफी की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए शिकायत की, जबकि झांकी समिति ने तोड़फोड़ का केस दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए और जांच शुरू कर दी।
थाना प्रभारी ने कहा, “विवाद छोटा था, लेकिन भावनाओं ने बिगाड़ दिया। हम सुलह की कोशिश करेंगे।” फिलहाल, दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।