MP Politics : भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने सीएम हेल्पलाइन और अन्य पोर्टल्स पर झूठी या आदतन शिकायतें दर्ज कर ब्लैकमेल करने वालों पर सख्ती का फैसला लिया है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने 25 सितंबर 2025 को सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर ऐसे शिकायतकर्ताओं की लिस्ट (नाम, मोबाइल नंबर, शिकायतों की संख्या, अधिकारी टिप्पणी) मांगी है। लेकिन इस फरमान पर विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कड़ी आपत्ति जताई है। सिंघार ने इसे ‘जनता की आवाज दबाने की साजिश’ बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि फर्जी शिकायतों के बजाय अधिकारियों की सूची बनाई जाए, जो शिकायतें जबरन ‘फोर्स क्लोज’ कराते हैं। RTI एक्टिविस्ट अजय दुबे ने भी इसे ‘भय का माहौल बनाने वाला’ बताया। यह विवाद लोकतांत्रिक अधिकारों और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बहस छेड़ रहा है।
सिंघार का सरकार पर तीखा प्रहार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, “भाजपा सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में असफल रही, तो अब शिकायतकर्ताओं को ‘ब्लैकमेलर’ या ‘आदतन शिकायती’ बताकर डराने का नया तरीका निकाला। लोकतंत्र में नागरिक समस्या सरकार से ही कहेगा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों शिकायतें अधिकारियों ने पैसों/दबाव में झूठे जवाब देकर बंद कराईं। “शिकायतकर्ताओं की कुंडली बनाने के बजाय, गलत जवाब देकर फोर्स क्लोज करने वालों की सूची तैयार हो।” सिंघार ने मांग की कि आदेश वापस लें, वरना जनता का गुस्सा भड़केगा।
मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार भी ग़जब है!
प्रदेश की जनता की समस्याओं का समाधान करने में असफल रही तो अब शिकायतकर्ताओं को “ब्लैकमेलर” और “आदतन शिकायती” बताकर डराने तथा उनके नामों की सूची बनवाने का नया तरीका निकाल लिया है।
सच्चाई यह है कि पूरे मध्यप्रदेश में सीएम हेल्पलाइन पर हज़ारों… pic.twitter.com/XJpBRzxp3B
— Umang Singhar (@UmangSinghar) September 27, 2025
RTI एक्टिविस्ट अजय दुबे ने भी इसका विरोध करते हुए कहा, यह आदेश गलत है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। गलत शिकायत पर FIR करो, लेकिन कलेक्टरों से सूची बनवाकर भय का माहौल बनाना आम नागरिकों को डराएगा। अधिकारी पुलिस जाएं, जनता में भय न फैलाएं। विवाद न चाहने वाले लोग शिकायत करने से कतराएंगे।
लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने कहा, “कुछ लोग आदतन फर्जी शिकायतें दर्ज कर ब्लैकमेल करते हैं। इससे संसाधन बर्बाद होते।” फॉर्मेट में शिकायतों की संख्या और टिप्पणी मांगी गई, जो पोर्टल पर अपलोड होगी। CM समीक्षा में यह मुद्दा बार-बार उठा। जून 2025 में CM ने FIR के निर्देश दिए। विभाग ने कहा, “वास्तविक शिकायतों को प्राथमिकता मिलेगी।”