Satna Sewer Gas Leak Death Tragedy : सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में सीवर सफाई के दौरान जहरीली गैस का जहर फिर फैल गया। कृपालपुर इलाके में त्रिवेणी पैलेस के पास गुरुवार दोपहर (25 सितंबर 2025) को तीन सफाई कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के सीवर में उतरे, और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी घातक गैस की चपेट में आ गए। एक कर्मचारी की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने रस्सी और ऑक्सीजन सिलेंडर से उन्हें बाहर निकाला, लेकिन देरी से इलाज संभव न हो सका। यह घटना चार दिनों में सतना का दूसरा ऐसा हादसा है, जो मैनुअल स्कैवेंजिंग पर प्रतिबंध के बावजूद सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी को उजागर कर रही है। जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन कर्मचारियों के परिवारों का गुस्सा भड़क रहा है।
MP News : PDS गेहूं की कालाबाजारी पर प्रशासन की कार्रवाई, टीम ने 435 क्विंटल अनाज किया जब्त
बिना PPE उतरे कर्मचारी, गैस ने ली जान
त्रिवेणी पैलेस के पास सीवर चेंबर की सफाई का काम विराट कंपनी के तीन कर्मचारी कर रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे वे बिना गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर या अन्य सुरक्षा उपकरणों के उतरे। अचानक जहरीली गैस (मुख्य रूप से H2S) ने उन्हें घेर लिया और तीनों बेहोश होकर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शी रामू पटेल ने बताया, “सीवर से बदबू आ रही थी, लेकिन कंपनी ने मजबूरी दिखाई। हमने एंबुलेंस से सिलेंडर और रस्सी लाकर उन्हें खींचा। एक तो ऊपर आते ही मर गया।”
मृतक की पहचान रामेश्वर प्रजापति (35 वर्ष) के रूप में हुई, जबकि घायल हरि प्रसाद (28) और सुरेश यादव (32) को सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने कहा, “गैस से फेफड़े क्षतिग्रस्त हो गए। दो की हालत क्रिटिकल है।” परिवार ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सस्ते में काम करवाने के लिए सुरक्षा नजरअंदाज की।
चार दिनों में दूसरा हादसा
यह सतना में सीवर गैस का दूसरा हादसा है। 22 सितंबर को महादेव रोड पर क्रिस्तुकुला स्कूल के पास पीसी स्नेहिल कंपनी के दो कर्मचारी आदर्श शुक्ला (25) और किशन वर्मा (30) सीवर लाइन साफ कर रहे थे। दोपहर 12 बजे जहरीली गैस से दोनों बेहोश हो गए।
स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और एसडीएम राहुल सिलड़िया ने अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। दोनों को वेंटिलेटर पर रखा गया, लेकिन खतरा टला। शुक्ला ने कहा, “बिना मास्क उतर गए। गैस ने सांस रोक ली।”
सिलड़िया ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं। सतना में मैनुअल सफाई पर प्रतिबंध है, लेकिन कंपनियां सस्ते मजदूरों से काम करवाती हैं।
जांच के आदेश
सतना कलेक्टर अंकित भगोरिया ने कहा, “घटना दुखद है। कंपनी पर EC एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।” एसडीएम सिलड़िया ने जांच टीम गठित की है, जो PPE की कमी और गैस डिटेक्टर की अनुपस्थिति पर रिपोर्ट देगी। परिवार ने मुआवजा मांगा।