MP Bulldozer Action : सीहोर में धर्मांतरण मामले में बड़ी कार्रवाई, जब्बार के अवैध निर्माण पर बुलडोजर का प्रहार

Bulldozer action in conversion case

Bulldozer Action in MP Conversion Case : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में सोमवार को नगर पालिका ने धर्मांतरण के मुख्य आरोपी जब्बार खान के घर पर बुलडोजर चला दिया। ये कार्रवाई न सिर्फ अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की थी, बल्कि पूरे इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया। जब्बार और उनकी पत्नी ताहिरा खान के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस चल रहा है और अब उनका घर भी इसकी भेंट चढ़ गया।

दरअसल, बीते 17 अगस्त 2025 को शुरू हुई, जब स्थानीय निवासी गोविंद मसुरे ने जब्बार खान और ताहिरा खान के खिलाफ धर्मांतरण की शिकायत दर्ज कराई। मसुरे ने आरोप लगाया कि आरोपी जोर-जबरदस्ती लोगों को इसाई धर्म में बदलने का दबाव डालते थे। पुलिस ने जांच के बाद मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत मामला दर्ज किया।

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अधिनियम के मुताबिक, जबरन या प्रलोभन से धर्म परिवर्तन अपराध है और सजा 1 से 5 साल तक की हो सकती है। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने जब्बार को गिरफ्तार कर लिया। जब्बार पंडित श्यामाप्रसाद मुखर्जी नगर हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के रहने वाले हैं।

पुलिस अधीक्षक दीपक शुक्ला और नगर निरीक्षक अभिनंदना शर्मा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। ताहिरा के खिलाफ भी FIR दर्ज है, लेकिन वो फरार बताई जा रही हैं। घटना के समय मौजूद आरक्षक विरेंद्र अहिरवार को कदाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच चल रही है, क्योंकि उन पर लापरवाही का इल्जाम लगा।

एक स्थानीय निवासी ने बताया, “पुलिस को शिकायत की जानकारी थी, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई। अब ये निलंबन न्याय का हिस्सा लगता है।” जब्बार के परिवार ने बुलडोजर एक्शन को अन्याय बताया। उनके चचेरे भाई इकबाल खान ने कहा, “घर सालों की कमाई से बना था। एक शिकायत पर सब उजड़ गया। हम बेघर हो गए।” लेकिन प्रशासन का कहना है कि ये कार्रवाई नियमों के तहत हुई।

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नगर पालिका ने पहले नोटिस चिपकाया, जिसमें भवन निर्माण की अनुमति मांगी गई। जब्बार ने परमिशन नहीं दिखाई, तो 15 दिन का दूसरा नोटिस जारी हुआ। जवाब न मिलने पर सोमवार को बुलडोजर चला। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात था, ताकि तनाव न फैले। एक रिपोर्ट के अनुसार, ये अवैध मंजिल को तोड़ने का काम था, और आसपास के लोग चुपचाप देखते रहे।

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