मध्य प्रदेश का राजगढ़ जिला एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र है। अगर आप यहां घूमने का प्लान बना रहे हैं या आप सोच रहे एक ऐसी जगह जहां आपको इतिहास की झलक दिखें, तो ये जगह आपके लिए एक दम परफेक्ट है। अब आप सोच रहे होंगे की ऐसा क्या है यहां? तो आइए हम आपको बताते हैं। राजगढ़ में कई किले, मंदिर, दरगाहें और प्राकृतिक स्थल मौजूद हैं। जो अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं यहां क्या-क्या खास है।
नरसिंहगढ़ किला
नरसिंहगढ़ का किला न केवल वास्तुकला की दृष्टि से अद्भुत है, बल्कि यह धार्मिक आस्था और राजपरंपरा का भी प्रतीक रहा है। यह किला भगवान श्री रघुनाथजी यानी भगवान श्रीराम को समर्पित है। यहां के शासक खुद को राज्य का शासक न मानकर केवल भगवान रघुनाथजी का प्रधान सेवक या फिर यूं कहे की खुद को वह मंत्री मानते थे। राज्य का संपूर्ण शासन और अधिकार उन्हीं के नाम पर चलता था। जानकारी के लिए आपको बता दें कि, नरसिंहगढ़ को ‘मालवा का कश्मीर’ भी कहा जाता है। अगर हम इसकी विशेषता के बारे में बात करें तो किले में 4 बड़ी दीवारें, 12 चौक, 64 बरामदे और 304 कमरे हैं। इस किले का निर्माण आज से लगभग 300 साल पहले हुआ था।

जालपा माता मंदिर
जालपा माता मंदिर राजगढ़ जिले में स्थित है। ये एक ऐसा पवित्र स्थल है, जो अपनी अनोखी मान्यता और चमत्कारी शक्तियों के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि जिन युवक या फिर युवती की शादी में अड़चनें आ रही हों या जिनकी कुंडली में विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं निकल रहा हो, उनके लिए मां जालपा स्वयं मार्ग निकाल देती हैं। यहां कर दूर दूर से लोग आते हैं।
भक्तों का मानना है कि मां जालपा की कृपा से वह विवाह भी संभव हो जाता है, जो सालों से रुका हो या फिर बार बार टल रहा हो। यही कारण है कि देशभर से ऐसे कई जोड़े यहां दर्शन के लिए आते हैं, जिनकी शादी में रुकावटें आ रही होती हैं। लेकिन ऐसा भी नहीं कि जिनकी शादी में दिक्कत आए वही दर्शन कर सकते हैं। आप भी यहां आ सकते हैं अपने परिवार और दोस्तों के साथ। यहां आकर आपको अनोखा अनुभव होगा। ये मंदिर राजगढ़ शहर की पहाड़ी पर स्थित है। अगर इसके इतिहास की बात करे तो ये मंदिर लगभग 550 वर्ष पुराना है। जिसे भील राजाओं के समय से पूजा की जा रही है।

दरगाह शरीफ
अगर आपका दरगाह जाने का मन हो तो आप दरगाह शरीफ राजगढ़ घूमने जा सकते हैं। इस दरगाह को बाबा बदख्शानी भी कहा जाता है। ये मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित एक प्रसिद्ध सूफी दरगाह है। यह दरगाह हज़रत शाह सैयद क़ुरबान अली शाह बदख्शानी रहमतुल्लाह अलैह की याद में बनाई गई है। जो एक महान सूफी संत और पीर (गुरु) थे। इस दरगाह का निर्माण 1914 में हुआ था। अगर इसके महत्व के बारे में बात की जाए तो यह दरगाह हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। जहां हर धर्म के लोग आस्था से आते हैं।

ये सभी जगह ऐसी हैं जहां आप अपने परिवार या दोस्त के साथ घूमने जा सकते हैं। ये आपको इतिहास से जोड़ेगी। इसके साथ ही इसके पीछे छुपी कई कहानी बताइए।