शिवराज-मोहन की देर रात बैठक, आदिवासियों का भोपाल मार्च खत्म; जानिए कोसमी विवाद पर क्या बनी बात?
MP News: कोसमी में आदिवासियों के घर हटाए जाने के विवाद के बीच शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासी प्रतिनिधियों के साथ CM मोहन यादव से देर रात मुलाकात की। करीब एक घंटे की चर्चा के बाद आदिवासियों ने भोपाल मार्च खत्म कर दिया। CM ने न्याय का भरोसा दिया है।


Kosmi Tribal Protest: कोसमी में वन भूमि से जुड़ी कार्रवाई के विरोध में चल रहे आदिवासी आंदोलन के बीच देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिले। करीब एक घंटे तक चली चर्चा के बाद प्रदर्शनकारियों ने भोपाल मार्च रोकने का फैसला किया। मुख्यमंत्री ने मामले में न्याय का भरोसा दिया है।
आदिवासी प्रतिनिधियों के साथ CM हाउस पहुंचे शिवराज
बता दें, कोसमी मामले को लेकर सरकार और वन विभाग के अधिकारियों पर सवाल उठ रहे थे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई थी। इसी बीच देर रात उन्होंने आदिवासी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे।
करीब एक घंटे तक हुई चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं। मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और न्याय का भरोसा दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने भोपाल की ओर जारी मार्च समाप्त करने का निर्णय लिया। करीब 5,000 आदिवासी भोपाल की ओर बढ़ रहे थे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी थी।
कोसमी में क्या हुआ था?
जानकारी के अनुसार, सीहोर जिले के बुधनी क्षेत्र के कोसमी में वन भूमि पर बने आदिवासियों के घरों को वन विभाग ने नोटिस देने के बाद हटाया था। संबंधित भूमि पर झोपड़ियां बनाने और खेती किए जाने की बात सामने आई थी। इस कार्रवाई के बाद स्थानीय आदिवासी समुदाय में नाराजगी बढ़ गई और विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ।
कार्रवाई के विरोध में शिवराज ने उठाई आवाज
मामले को लेकर शिवराज सिंह चौहान आदिवासी समुदाय के समर्थन में सामने आए थे। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। सात ही यह भी कहा था कि अधिकारियों ने दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया और इस मामले से मुख्यमंत्री की छवि प्रभावित हो रही है।
CM मोहन यादव ने रिपोर्ट पर कही थी यह बात
वहीं, शिवराज सिंह चौहान की आपत्तियों के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि वरिष्ठ नेता ने मामला उठाया है, इसलिए सरकार इसकी गंभीरता से जांच कराएगी। उन्होंने निष्पक्ष तरीके से तथ्यों की पड़ताल का भरोसा दिया था। देर रात हुई बैठक के बाद आदिवासियों ने मार्च समाप्त कर दिया है।
