दिल्ली जाने से पहले होटल से ही हिरासत में लिए गए कांग्रेस के दो जिला अध्यक्ष, पार्टी ने उठाए सवाल
दिल्ली में प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुरैना में भिंड शहर अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया और मुरैना ग्रामीण अध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।


MP Congress Leaders Detained: दिल्ली में प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं को रोके जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस का आरोप है कि मुरैना में पुलिस ने रात के दौरान भिंड शहर के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया और मुरैना ग्रामीण जिला अध्यक्ष मधुराज सिंह तोमर को हिरासत में लिया। पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाने की कोशिश बताया है।
होटल से हिरासत में लिया
कांग्रेस के मुताबिक, दोनों जिला अध्यक्ष दिल्ली जाने की तैयारी में थे और एक ही स्थान पर ठहरे हुए थे। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची और दोनों को अपने साथ ले गई। पार्टी ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं।हालांकि, पुलिस की ओर से हिरासत की वजह और दोनों नेताओं की मौजूदा स्थिति पर आधिकारिक बयान उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
एमपी कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध
बता दें, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कार्रवाई की आलोचना की। पार्टी ने कहा कि दिल्ली में होने वाले मार्च में शामिल होने जा रहे नेताओं को रास्ते में रोकना सत्ता के दुरुपयोग जैसा है। कांग्रेस ने इसे ‘तानाशाही की पराकाष्ठा’ करार दिया। पार्टी की पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि रविवार रात दिल्ली रवाना होने से पहले ही दोनों जिला अध्यक्षों को हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक गतिविधियों में बाधा डालने का प्रयास बताया।
दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट मार्च की तैयारी
कांग्रेस के अनुसार, इंडिया गठबंधन के नेता सोमवार को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च करने वाले हैं। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों से पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचने की अपील की गई थी। राहुल गांधी की अपील के बाद मध्य प्रदेश से भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दिल्ली जाने की तैयारी में थे। इसी बीच नेताओं को रोके लिया गया। कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने का मामला अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
