MP Cabinet Decision : भोपाल। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार की कैबिनेट बैठक आज संपन्न हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक की जानकारी डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने मीडिया को दी। कैबिनेट ने विकास और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए, जिनसे प्रदेश को नई गति मिलेगी।
सबसे महत्वपूर्ण फैसला भोपाल-इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बजट आवंटन का है। इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने से दोनों शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को 2026-27 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। योजना के लिए 905 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वन क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने 6 वन विज्ञान केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृत किया। पहले चरण में ये केंद्र बनाए जाएंगे और इन पर 48 करोड़ रुपये खर्च होंगे। राघवपुर परियोजना के लिए 1782 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री सड़क परियोजना के तहत 3810 कार्यों को भी स्वीकृति मिली।
कर्मचारियों के लिए राहत भरा फैसला लेते हुए कैबिनेट ने राज्य शासन में कार्यरत कार्मिकों के स्थायी और अस्थायी पदों के बीच अंतर समाप्त कर दिया। पहले 10 श्रेणियां थीं, अब केवल 5 रहेंगी।
सरकार के दो साल पूरे होने पर सभी मंत्री अपने-अपने विभागों का रिपोर्ट कार्ड जारी करेंगे। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कामकाज का ब्यौरा साझा करेंगे और दो साल की उपलब्धियों की लिखित जानकारी देंगे।
अस्थायी पदों को स्थायी में बदलने और सेवा भर्ती नियमों में बदलाव की मंजूरी दी गई। कार्यभारित और आकस्मिक पदों को सांख्येतर घोषित किया गया, जिन पर नई नियुक्तियां नहीं होंगी। अब नियमित, संविदा, आउटसोर्स और अंशकालिक श्रेणियां ही रहेंगी।
Sehore RAF Flag March : RAF संवेदनशील इलाकों में निकाला फ्लैग मार्च, SP दीपक शुक्ला हुए शामिल
ये फैसले प्रदेश के विकास, रोजगार, पर्यावरण और कर्मचारी कल्याण को बढ़ावा देंगे। कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई और सभी को सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि ये निर्णय जनता की भलाई और प्रदेश की प्रगति के लिए हैं।