Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। इमरजेंसी एंड ट्रॉमा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा ने घर पर खुद को एनेस्थीसिया इंजेक्शन लगाकर सुसाइड की कोशिश की। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और वे वेंटिलेटर पर हैं। डॉक्टरों का कहना है कि वे धीरे-धीरे रिकवर कर रही हैं, लेकिन नसों को कितना नुकसान हुआ है, यह 72 घंटे बाद ही पता चलेगा।
घटना 11 दिसंबर 2025 की रात की है। डॉ. रश्मि ने उस दिन अपनी ड्यूटी पूरी की और शाम को घर लौट गईं। रात साढ़े दस बजे के करीब उनके पति डॉ. रतन वर्मा, जो ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट हैं, ने उन्हें बेहोश पाया।
पति ने बताया कि घर में सब कुछ सामान्य था, सभी अपने काम में व्यस्त थे। अचानक ऐसा हुआ। उन्होंने तुरंत डॉ. रश्मि को एम्स लेकर पहुंचे, जहां सीपीआर देकर उनकी जान बचाई गई। फिलहाल वे मेन आईसीयू में भर्ती हैं।
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एम्स प्रबंधन का कहना है कि डॉ. रश्मि ने ऐसा कदम क्यों उठाया, अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। कोई सुसाइड नोट या मैसेज नहीं मिला है। डॉ. रश्मि गरीब मरीजों का अपनी सैलरी से इलाज करने के लिए जानी जाती हैं। वे मेडिकल एजुकेशन और आईसीएमआर रिसर्च से जुड़ी हुई हैं। बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रोग्राम और नर्सिंग ट्रेनिंग में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
डॉ. रश्मि ने एमबीबीएस एमएलएन मेडिकल कॉलेज प्रयागराज से और एमडी जनरल मेडिसिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर से किया है। पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद एम्स भोपाल में तीन साल सीनियर रेजिडेंसी की। वे कई संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी हैं और पांच साल से अधिक टीचिंग अनुभव रखती हैं।
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यह घटना एम्स स्टाफ और मेडिकल कम्युनिटी में शॉक पैदा कर रही है। साथी डॉक्टरों का कहना है कि डॉ. रश्मि बेहद मेहनती और समर्पित हैं। कारण जो भी हो, यह मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को फिर से उजागर करता है। डॉक्टरों पर काम का बोझ और तनाव अक्सर बढ़ जाता है।
अवधपुरी पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार और एम्स प्रबंधन डॉ. रश्मि की जल्द रिकवरी की दुआ कर रहे हैं। उम्मीद है कि वे जल्द स्वस्थ होकर लौटेंगी।