Sheep-Kolar Dam Corruption : सीहोर। इछावर विधानसभा क्षेत्र के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले शीप-कोलार बांध पर भ्रष्टाचार का बांध टूट पड़ा है। बांध का पूरा पानी पेयजल और सिंचाई के लिए सिर्फ इछावर क्षेत्र के लिए आरक्षित है, लेकिन अब खुलासा हुआ है कि इस पानी को अवैध पाइपों के जरिए बुदनी और नसरुल्लागंज के खेतों में पहुंचाया जा रहा है। सबसे बड़ा आरोप जल संसाधन विभाग के एसडीओ पर है कि उन्होंने लाखों रुपये की रिश्वत लेकर यह गोरखधंधा चलाया है।
स्थानीय किसानों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें साफ-साफ दिख रहा है कि बांध के कैचमेंट एरिया से 25 से 30 अवैध पाइप और सायफन बिछाए गए हैं। ये पाइप सीधे बुदनी विधानसभा क्षेत्र के खेतों तक पानी पहुंचा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि जल संसाधन विभाग के नियमों के मुताबिक कैचमेंट एरिया से एक बूंद पानी भी बाहर नहीं निकाला जा सकता, लेकिन यहां तो पूरा सिस्टम ही बेच दिया गया है।
वीडियो में इछावर के किसान गुस्से में कह रहे हैं, “हमारे गांव में गर्मियों में एक घूंट पानी के लिए त्राहि-त्राहि हो जाती है, लेकिन बुदनी और नसरुल्लागंज के किसान खुलेआम कह रहे हैं कि उन्होंने साहब (एसडीओ) को अच्छा-खासा पैसा दिया है, इसलिए उन्हें मनमाना पानी मिल रहा है।”
किसानों ने बताया कि ये अवैध पाइप रातोंरात बिछाए गए हैं। कई जगह तो पाइप खुले में ही दिख रहे हैं। कुछ किसानों ने खुद बुदनी क्षेत्र के किसानों से बात की तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “हमने तो ऊपर तक सेटिंग कर रखी है, पैसा दिया है, पानी भरपूर मिल रहा है।”
इछावर के ग्रामीणों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाली गर्मियों में पूरा इछावर क्षेत्र पेयजल संकट की चपेट में आ जाएगा। पहले ही बांध का जलस्तर हर साल कम हो रहा है, ऊपर से यह अवैध निकासी। लोग पूछ रहे हैं कि क्या सरकारी अधिकारी सिर्फ अपनी जेब भरने के लिए जनता के हक का पानी बेच रहे हैं?
Sehore By Elections : सीहोर में 29 दिसंबर को वोटिंग, 8 पंच और 1 सरपंच पद के उपचुनाव घोषित
किसानों ने जिला प्रशासन, जल संसाधन मंत्री और मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि एसडीओ के खिलाफ तुरंत निलंबन और आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। साथ ही सभी अवैध पाइप तुरंत हटाए जाएं और बांध का पानी सिर्फ इछावर क्षेत्र के लिए ही इस्तेमाल हो।
फिलहाल जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग मौन है। कोई अधिकारी इस मामले पर बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन वायरल वीडियो के बाद दबाव बढ़ता जा रहा है। देखना यह है कि इछावर के लोगों की पुकार कब सुनी जाती है और भ्रष्टाचार के इस बांध पर ताला कब लगता है।