Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में एक बड़ा खुलासा हुआ है। राइफल शूटिंग के खिलाड़ी साहिब उर्रहमान ने पुराना आपराधिक मामला छिपाकर शस्त्र लाइसेंस हासिल कर लिया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आने के बाद उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया और अब उनके खिलाफ धोखाधड़ी व आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हो गया है।
कोहेफिजा पुलिस ने बताया कि साहिब उर्रहमान ने 2023 में हथियार का लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था। उस समय उन्होंने शपथ-पत्र में खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया था। लेकिन हकीकत कुछ और थी।
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3 फरवरी 2018 को भोपाल के चौकसे नगर में जोहेब अकबर नाम के युवक ने शिकायत की थी कि साहिब उर्रहमान और उनके कुछ साथियों ने रास्ता रोककर मारपीट की थी। इस शिकायत पर पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस का कहना है कि लाइसेंस के लिए आवेदन करते समय साहिब को पुराने सभी मुकदमों की जानकारी देनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने 2018 का केस पूरी तरह छिपा लिया। शाहजहाँनाबाद थाने से सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद कलेक्टर ने 2023 में लाइसेंस जारी कर दिया था।
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इस साल अप्रैल-मई में भोपाल जिले में सभी शूटर्स के लाइसेंस की विशेष जाँच शुरू हुई। कोहेफिजा पुलिस को साहिब के दस्तावेजों में गड़बड़ी नजर आई। जब पुराने रिकॉर्ड खंगाले गए तो 2018 का मारपीट का केस सामने आ गया। इसके बाद कलेक्टर ने तुरंत उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया।
कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया, “आवेदक ने झूठी जानकारी दी और अपराध को छिपाया। इस वजह से धोखाधड़ी और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही साहिब उर्रहमान से पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।”
शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया में पहले कलेक्ट्रेट की लाइसेंस शाखा दस्तावेज देखती है, फिर स्थानीय थाना सत्यापन करता है और अंत में जिला प्रशासन अनुमति देता है। इस मामले में सत्यापन के समय पुराना केस कैसे छूट गया, इस सवाल पर भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जांच के घेरे में हैं।