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Bhopal News : भोपाल में व्हाइट टॉपिंग ने घरों को नीचे और सड़कें की 8-10 इंच ऊपर, अरेरा कॉलोनी में भारी बवाल

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White Topping Raises Roads 10 Inches Bhopal News : मध्य प्रदेश। भोपाल शहर में व्हाइट टॉपिंग तकनीक से बन रही सड़कों ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। नई सड़कें पुरानी सड़कों से 8 से 10 इंच तक ऊंची बन गई हैं। इसका सबसे ज्यादा असर अरेरा कॉलोनी, 10 नंबर मार्केट, हमीदिया रोड और मंदाकिनी चौराहे से जेके रोड तक दिख रहा है। लोग कह रहे हैं कि अब उनके घर सड़क से नीचे हो गए हैं, जिससे बारिश का पानी सीधे घरों में घुसने लगा है। कार और बाइक निकालना भी मुश्किल हो गया है।

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अरेरा कॉलोनी में तो लोग खुलकर सड़क पर उतर आए हैं। यहां 8 करोड़ रुपये की लागत से करीब 3.2 किलोमीटर सड़कें बन रही हैं। रहवासियों का कहना है कि 50-60 साल पुराने मकानों का प्लिंथ लेवल पुरानी सड़क के हिसाब से बनाया गया था।

अब सड़क इतनी ऊंची हो गई है कि सीवर लाइन दब गई है। अगर सीवर लीक हुआ या फटा तो पूरा इलाका गंदगी से भर जाएगा और सड़क धंस जाएगी।

रात के समय हालात और भी खराब हैं। बिट्टन मार्केट और वंदे मातरम चौराहे पर बाइक सवार बार-बार गिर रहे हैं क्योंकि अचानक सड़क ऊंची हो जाती है और दिखाई नहीं देती। कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं।

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कांग्रेस नेता अभिनव बारोलिया समेत कई नेता इलाके में पहुंचे और लोगों का साथ दिया। उन्होंने इसे “इंजीनियरिंग का अजूबा” बताया। कुछ दिन पहले ही कमल राठी, लवनीश भाटी, नीरज गुलाटी, अभिषेक त्रिवेदी, विवेक तिवारी सहित 80 से ज्यादा रहवासियों ने नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह को पत्र लिखकर समस्या बताई थी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।

पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के का कहना है कि व्हाइट टॉपिंग तकनीक से सड़क 20-25 साल तक चलेगी और रखरखाव का खर्च बहुत कम आएगा।

उन्होंने बताया कि पुरानी डामर की सिर्फ ऊपरी परत (लगभग १ इंच) ही हटाई जाती है, पूरा बेस नहीं खोदा जाता, इसलिए लागत भी आधी रहती है। लेकिन रहवासियों का सवाल है कि सड़क टिकाऊ बनेगी तो अच्छी बात है, पर घरों में पानी भर जाएगा तो क्या फायदा?

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व्हाइट टॉपिंग तकनीक क्या है?
पुरानी डामर सड़क की ऊपरी परत को मिलिंग मशीन से हटाकर उस पर 6 से 8 इंच मोटी कंक्रीट की परत चढ़ाई जाती है। इसमें M-40 ग्रेड का सीमेंट और फाइबर मिलाया जाता है। यह सड़क भारी वाहनों और खराब मौसम में भी जल्दी नहीं उखड़ती और ठंडी भी रहती है।

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