Betul News : बैतूल, मध्य प्रदेश। छिंदवाड़ा जिले ने 17 नवंबर को सात आयुर्वेदिक दवाओं को अमानक (NSQ) घोषित कर तुरंत बिक्री पर रोक लगा दी, लेकिन पड़ोसी जिला बैतूल में ये दवाएं आज भी खुलेआम बिक रही हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों का कहना है कि उन्हें कोई सरकारी नोटिस या सूचना नहीं मिली है, इसलिए स्टॉक खत्म होने तक बिक्री जारी है।
ग्वालियर की औषधि परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट में फेल हुई दवाएं ये हैं:
1. गिलोय सत्व सिरप (दतिया)
2. काम दूधा रस (दतिया)
3. प्रवाल पिष्टी – श्री धन्वंतरि हर्बल्स, सोलन
4. मुक्ता शुक्ति भस्म – श्री धन्वंतरि हर्बल्स, सोलन
5. लक्ष्मी विलास रस – डाबर इंडिया लिमिटेड
6. कफ कुठार रस – डाबर इंडिया लिमिटेड
7. कासामृत सिरप – शिवायु आयुर्वेद, औरंगाबाद
जिला आयुष अधिकारी डॉ. योगेश चौकीकर ने कहा, “हमें रिपोर्ट मिली है। डाबर सहित सभी कंपनियों के सेल्स इंचार्ज को पत्र लिखा जाएगा। विभागीय कार्यभार ज्यादा होने से थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब तुरंत कार्रवाई होगी।”
सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने मीडिया से कहा, “आपके माध्यम से जानकारी मिली है। हम आयुष विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर से समन्वय करके तुरंत जांच करवाएंगे।” ड्रग इंस्पेक्टर संजीव जादौन ने हाथ खड़े करते हुए कहा, “यह आयुर्वेदिक दवाएं हैं, हमारा क्षेत्र नहीं है। यह पूरा मामला आयुष विभाग देखता है।”
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वहीं बैतूल ड्रग एसोसिएशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह साहनी ने बताया कि उन्हें एक दिन पहले ही सूचना मिल गई थी। उन्होंने तुरंत सभी मेडिकल स्टोर को मैसेज कर बिक्री रोकने को कहा। कई दुकानों ने खुद ही इन दवाओं को काउंटर से हटा लिया है, लेकिन सरकारी तौर पर अभी तक कोई लिखित आदेश या नोटिस नहीं पहुंचा है।
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छिंदवाड़ा में प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि उल्लंघन करने वालों पर ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 व नियम 1945 के तहत सख्त कार्रवाई होगी। बैतूल में अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है।
