MP News : नर्मदापुरम। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) भिलाई के कैंपस में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले (हरदा) के रहने वाले 18 साल के छात्र सौमिल साहू की 11 नवंबर को संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। सौमिल इस साल जुलाई में ही आईआईटी भिलाई में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के बीटेक फर्स्ट सेमेस्टर में दाखिला लिया था। वह बेहद मेहनती और अनुशासित छात्र के रूप में जाना जाता था। घटना जेवरा-सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र की है और पूरे कैंपस में शोक की लहर दौड़ गई है।
Sehore News : बिरसा मुंडा जयंती पर निकलेगी रथ यात्रा, 15 नवंबर को होगा पैदल मार्च
घटना के अनुसार, 11 नवंबर की सुबह करीब साढ़े दस बजे सौमिल की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसे तुरंत भिलाई के सुपेला स्थित स्पर्श निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में मिर्गी (एपिलेप्सी) का दौरा पड़ने की बात कही गई है, लेकिन परिजनों ने इसे पूरी तरह नकार दिया है।
पिता वीरेंद्र साहू ने बताया कि सौमिल पूरी तरह स्वस्थ था और उसे कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। 10 नवंबर को उसे हल्का बुखार आया था, लेकिन कोई बड़ा खतरा नहीं लगा। दीपावली पर वह घर आया था और खुशहाल था। परिजनों का कहना है कि अगर समय पर सही इलाज मिलता तो उनकी जान बच सकती थी।
सौमिल मूल रूप से नर्मदापुरम के हरदा बायपास रोड पर साई दर्शन सोसाइटी का निवासी था। उसके पिता वीरेंद्र साहू सिक्योरिटी पेपर मिल (एसपीएम) में कर्मचारी हैं। मौत की खबर मिलते ही परिवार भिलाई पहुंचा। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को घर ले जाया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जेवरा चौकी प्रभारी खगेंद्र पठारे ने बताया कि अभी मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। परिजनों ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी है, लेकिन वे गहन जांच की मांग कर रहे हैं।
इस घटना से आईआईटी कैंपस में आक्रोश फैल गया। देर रात 12 बजे से सुबह 2 बजे तक छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रबंधन पर मेडिकल सुविधाओं की कमी और लापरवाही का आरोप लगाया। छात्रों का कहना था कि कैंपस में कोई स्थायी डॉक्टर या एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं है।
पांचवां दीक्षांत समारोह तो धूमधाम से मनाया गया, लेकिन छात्रों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता। अगर समय पर बेहतर अस्पताल पहुंचाया जाता तो सौमिल की जान बच जाती। प्रदर्शनकारी छात्रों ने डायरेक्टर से जवाब मांगा और सुधार की गुहार लगाई।
आईआईटी भिलाई प्रबंधन ने मौत पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि यह प्राकृतिक मौत है और किसी हादसे या आत्महत्या की बात नहीं है। संस्थान ने परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने भी मिर्गी दौरा बताते हुए प्राकृतिक मौत कहा है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में नींद की गोलियों के ओवरडोज की भी बात सामने आई है, जो जांच का विषय है।