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NEET UG 2025 : इंदौर हाईकोर्ट ने दी मेडिकल छात्रा को बड़ी राहत, तीसरे राउंड काउंसलिंग में हिस्सा लेने की अनुमति

Indore High Court

NEET UG 2025 : इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने NEET UG 2025 की एक छात्रा को अस्थायी राहत दी है। मंगलवार को छुट्टी के बावजूद खंडपीठ ने सुनवाई की। छात्रा को तीसरे राउंड काउंसलिंग में भाग लेने की इजाजत मिल गई। यह फैसला याचिका का अंतिम निर्णय होने तक लागू रहेगा। छात्रा को दूसरी राउंड में सीट मिली थी, लेकिन NTA ने तीसरे राउंड में शामिल होने से रोका था। अब वह बुधवार को होने वाली काउंसलिंग में हिस्सा ले सकेगी।

दूसरी राउंड सीट के बाद तीसरे में रोक

इंदौर की रहने वाली छात्रा आर्ची अनन्या अग्रवाल ने NEET UG 2025 में 720 में से 443 अंक हासिल किए। 22 सितंबर को दूसरी राउंड काउंसलिंग में उन्हें सीहोर के श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस में MBBS सीट अलॉट हुई। लेकिन आर्ची को बेहतर विकल्प चाहिए था। उन्होंने तीसरे राउंड की फीस भी जमा कर दी। काउंसलिंग 22 अक्टूबर को होनी है। फिर भी NTA ने उन्हें शामिल होने से मना कर दिया।

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NTA का तर्क था कि 2018 के नियम के मुताबिक, दूसरी काउंसलिंग में सीट मिलने पर तीसरे राउंड में भागीदारी नहीं मिल सकती। भले ही फीस भरी हो। छात्रा के वकील नितिन सिंह भाटी ने विरोध किया। उन्होंने 2024 के संशोधन का हवाला दिया।

इसमें कहा गया कि अगर छात्र बेहतर सीट चाहे तो तीसरे राउंड में अनुमति दी जा सकती है। भाटी ने साथी वकील संदीप मेहता की मदद से कोर्ट में तर्क रखे। उन्होंने कहा कि दूसरी राउंड अलॉटमेंट अस्थायी था। 13 और 17 अक्टूबर को नए कॉलेज जोड़े गए, इसलिए तीसरा राउंड मौका देना चाहिए।

हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट का आदेश

अंतरिम राहत, लेकिन अंतिम अधिकार नहीं

मंगलवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस गजेंद्र सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने NTA और राज्य अधिकारियों को निर्देश दिया। छात्रा को तीसरे राउंड में भाग लेने की अनुमति मिली लेकिन यह अस्थायी है। याचिका का फैसला आने तक यह लागू रहेगा।

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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भागीदारी से एडमिशन का कोई अंतिम अधिकार नहीं बनेगा। यह सिर्फ मौका देना है। NTA को निर्देश दिया गया कि छात्रा की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी करें। लेकिन परिणाम याचिका पर निर्भर।

वकील भाटी ने कहा, “यह छात्रा के भविष्य के लिए बड़ी जीत है। कोर्ट ने नियमों की व्याख्या सही की।” छात्रा के परिवार ने राहत की सांस ली। आर्ची ने बताया, “मैं बेहतर कॉलेज चाहती हूं। कोर्ट ने न्याय दिया।” यह मामला NEET काउंसलिंग की जटिलताओं को उजागर करता है। कई छात्रों को नियमों की वजह से मौके गंवाने पड़ते हैं।

NEET UG 2025 काउंसलिंग में कई विवाद हुए। मई में इंदौर के 11 सेंटर्स पर पावर कट के कारण री-टेस्ट की मांग उठी। हाईकोर्ट ने NTA को रिजल्ट जारी करने की अनुमति दी, लेकिन प्रभावित छात्रों के लिए री-एग्जाम का आदेश दिया।

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जून में 75 छात्रों को री-टेस्ट मिला। जुलाई में कोर्ट ने कुछ आदेशों पर स्टे लगाया। लेकिन आर्ची का केस अलग है। यह काउंसलिंग राउंड्स के नियमों पर केंद्रित। 2018 नियम सख्त हैं, लेकिन 2024 संशोधन लचीलापन देते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि ऐसे केस छात्रों को मानसिक तनाव देते हैं। NTA को नियम स्पष्ट करने चाहिए।

मध्य प्रदेश में NEET काउंसलिंग मेडिकल एडमिशन का मुख्य द्वार है। तीसरा राउंड महत्वपूर्ण है। इसमें बचे कॉलेजों के लिए सीटें मिलती हैं। आर्ची जैसे छात्रों के लिए यह जीवन बदलने वाला हो सकता है। कोर्ट का यह फैसला अन्य छात्रों के लिए उदाहरण बनेगा। हाईकोर्ट ने साबित किया कि न्याय समय पर जरूरी है।

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