Bhopal Breaking News : भोपाल। मध्य प्रदेश की दिग्गज निर्माण कंपनी दिलीप बिल्डकॉन ग्रुप पर आयकर विभाग ने बड़ा धावा बोला है। सोमवार सुबह अमृतसर की आईटी टीम ने चूनाभट्टी स्थित कंपनी के मालिक दिलीप सूर्यवंशी के दफ्तर पर सर्चिंग शुरू की। प्राथमिक जांच में शेयर प्राइसिंग में अनियमितताओं का पता चला।
विभाग को शक है कि कंपनी ने निवेश ट्रस्ट की राशि का गलत इस्तेमाल किया। एसएएफ की मदद से चल रही इस कार्रवाई में लोकल पुलिस या केंद्रीय एजेंसियां शामिल नहीं। भोपाल के स्थानीय अफसरों को भी पहले कोई खबर नहीं दी गई। मीडिया में खबर फैलने के बाद ही उन्हें पता चला।
Bhopal Breaking News : दिलीप बिल्डकॉन पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की रेड, तीन ठिकानों पर छानबीन जारी
करीब दस साल पहले 2012 में भी आयकर विभाग ने दिलीप बिल्डकॉन पर छापा मारा था। तब करोड़ों की टैक्स चोरी उजागर हुई। नकदी और जेवरात जब्त किए गए। कंपनी के प्रमोटर दिलीप सूर्यवंशी और उनके सहयोगियों पर जांच हुई। अब फिर वही सिलसिला। सूत्र बताते हैं कि शेयर मूल्यांकन में हेराफेरी और फंड डायवर्जन के आरोप हैं। कंपनी ने इन आरोपों पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की।
मेट्रो और सोलर प्रोजेक्ट्स की कंपनी पर सवाल
दिलीप बिल्डकॉन के पास भोपाल मेट्रो का 247 करोड़ का ठेका है। हाल ही में केरल और गुरुग्राम मेट्रो के 1500-1500 करोड़ के काम मिले। एमपी में 25 हजार करोड़ का सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट भी इन्हीं के पास। लेकिन विभाग को शक है कि इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के पैसे का दुरुपयोग हुआ। कंपनी के 17 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं। यह देश की टॉप सड़क निर्माण फर्मों में शुमार है।
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दिलीप सूर्यवंशी ने 1987 में कंपनी की नींव रखी। शुरू में छोटे निर्माण कार्य। 1993-94 में पहला बड़ा प्रोजेक्ट 4 करोड़ का मिला। फिर 20, 80 करोड़ के काम। 2007 में अहमदाबाद-गोधरा का 1000 करोड़ का प्रोजेक्ट आया। 2000 के दशक में एनडीए सरकार के टेंडरों ने उड़ान भरी।
आज 17 राज्यों में फैली कंपनी सड़क, राजमार्ग, खनन, सोलर और शहरी विकास में सक्रिय। एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर देवेंद्र जैन 1995 में 21 साल की उम्र में जुड़े। हाल ही में राजस्थान में 2905 करोड़ और केरल में 1115 करोड़ के प्रोजेक्ट शुरू।
हालिया हुरुन रिच लिस्ट 2025 में सूर्यवंशी एमपी के दूसरे सबसे अमीर बने। संपत्ति 4430 करोड़ आंकी गई। पिछले साल से 630 करोड़ की बढ़ोतरी। वे 10 पायदान चढ़े। पहले नंबर पर विनोद अग्रवाल। लेकिन यह छापा उनकी बढ़ती दौलत पर सवाल खड़े कर रहा।