Sehore News : सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरुंदा स्थित नर्मदा अस्पताल ने मानवता को शर्मसार कर दिया। बीजेपी नेता डॉ. राजेश शर्मा के अस्पताल ने 11 हजार रुपये के बिल के लिए एक गरीब आदिवासी परिवार को दो घंटे तक मृत महिला का शव नहीं सौंपा। पुलिस के हस्तक्षेप से आधी रात 2 बजे शव मुक्त हुआ।
यह घटना 7 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। सनकोटा गांव की फूलवती बरेला (22) को दुर्घटना के बाद रात 11:30 बजे परिजन अस्पताल लाए। परिजनों के मुताबिक, पहुंचते ही 10 मिनट में फूलवती की मौत हो गई। पिता राजेश ने बताया कि मौत रात 12 बजे हुई, लेकिन प्रबंधन ने बिल न चुकाने पर शव रोक लिया।
वायरल वीडियो ने खोली पोल
परिजन घंटों मिन्नतें करते रहे। आखिरकार पुलिस बुलाई गई। रात 2 बजे पहुंची पुलिस और स्टाफ के बीच बहस हुई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में पुलिसकर्मी आरएस यादव (नंबर 642) कहते दिखे, “आप लोग दो घंटे से डेड बॉडी रोक रहे हैं। यह गलत है। थाने में मर्ग कायम हो गया। जबरदस्ती पैसे के लिए शव रखा है।” कर्मचारी ने पुलिसकर्मी की नेम प्लेट का वीडियो बनाया। बिल न चुकाने की जिद की।
10 मिनट के इलाज में 11 हजार का बिल
परिजनों ने कहा कि अस्पताल में सिर्फ 10 मिनट रुकीं। फिर भी 11 हजार का बिल थोका। गरीबी में परिवार मजबूर था। बीजेपी नेता डॉ. राजेश शर्मा 2023 विधानसभा चुनाव में नर्मदापुरम से टिकट के दावेदार रहे। पुलिस की सख्ती से ही शव मिला।