Betul Murder Case Solved : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सूरगांव गांव में 17 सितंबर को खेत के पास लहूलुहान हालत में मिले युवक देवराव की हत्या का राज पुलिस ने मात्र चार दिनों में सुलझा लिया है। यह अंधा कत्ल लग रहा था, लेकिन बाजार थाना पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से मुख्य आरोपी कचरया बेनाइत (उर्फ कचरू पिता मधू बेनाइत) को गिरफ्तार कर लिया गया।
चौंकाने वाली बात – हत्या महज 350 रुपये के उधार विवाद में हुई। आरोपी ने हत्या में इस्तेमाल हंसिया और खून से सने कपड़े कुएं में छिपा दिए थे, लेकिन पुलिस ने उसके मेमोरेंडम पर बरामद कर लिया। एसपी वीरेंद्र जैन ने जांच टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
हत्या का पूरा कच्चा चिट्ठा
17 सितंबर को सूरगांव के खेत के पास देवराव (उम्र 28 वर्ष) का शव मिला। शरीर पर सिर, गर्दन, छाती और हाथों पर गहरे चाकू के घाव थे। शुरुआत में पुलिस को हत्या का कोई सुराग नहीं मिला, लेकिन घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम (अंजना धुर्वे) ने साफ कर दिया कि यह हादसा नहीं, सुनियोजित कत्ल है।
देवराव और कचरया दोनों उसी गांव के थे और घटना वाले दिन दोनों खेत में काम कर रहे थे। विवाद की जड़ – देवराव ने कचरया से 350 रुपये उधार लिए थे, जो कई बार मांगने पर भी नहीं लौटाए।
बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में कचरया ने पास पड़ा हंसिया उठाकर देवराव पर कई वार कर दिए। मौके पर ही देवराव की मौत हो गई। कचरया ने शव को खेत किनारे छिपा दिया और खुद गांव में घूमता रहा, ताकि संदेह न हो। एसपी वीरेंद्र जैन ने तुरंत जांच टीम गठित की, जिसमें एएसपी कमला जोशी और एसडीओपी सुनील लता शामिल थे। डॉग स्क्वॉड और सीन ऑफ क्राइम यूनिट ने सुराग जुटाए।
उंगली की चोट बनी कचरया की कमजोरी
हत्या के बाद कचरया ने खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की नजर उसकी दाहिनी उंगली की गहरी चोट पर पड़ी। शक होने पर थाना प्रभारी नीरज पाल और उपनिरीक्षक इरफान कुरैशी ने उसे हिरासत में लिया। सख्त पूछताछ में कचरया ने तीन दिन बाद अपना गुनाह कबूल कर लिया।
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उसने बताया, “देवराव ने अपमानजनक शब्द कहे, तो गुस्से में हंसिया से वार कर दिया।” उसके बताए स्थान से हंसिया और खून से सने कपड़े कुएं से बरामद हो गए। कचरया को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
एसपी ने 10 हजार इनाम की घोषणा
एसपी वीरेंद्र जैन ने बाजार थाना पुलिस की तारीफ की। उन्होंने कहा, “यह अंधे कत्ल का तेजी से खुलासा एक मिसाल है।” जांच टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई। साइबर सेल की भूमिका भी सराहनीय रही, जिसने कॉल रिकॉर्ड्स से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। जैन ने ग्रामीणों से अपील की कि मामूली विवादों को बातचीत से सुलझाएं।