Who is Baba Chaitanyananda : नई दिल्ली। दिल्ली के पॉश इलाके वसंत कुंज में स्थित एक प्रतिष्ठित आश्रम से जुड़े संस्थान में छात्राओं के साथ छेड़खानी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वसंत कुंज नॉर्थ थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, आश्रम के संचालक स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती (उर्फ पार्थ सारथी) पर 17 छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
ये छात्राएं इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) स्कॉलरशिप पर पोस्ट-ग्रेजुएट मैनेजमेंट डिप्लोमा कोर्स कर रही थीं। पुलिस ने छेड़खानी, ब्लैकमेल और धमकी के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी की तलाश की जा रही है।
क्या है आरोपी बाबा का बैकग्राउंड
आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती ओडिशा का रहने वाला है और वह पिछले 12 साल से दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के संचालक और केयरटेकर था। यह संस्थान दक्षिण भारत के प्रसिद्ध शृंगेरी शारदा पीठम से संबद्ध है। बाबा खुद को प्रख्यात प्राध्यापक, लेखक, वक्ता, शिक्षाविद् और ‘क्वांटम चेतना’ के प्रतिपादक बताता था।
आरोपी बाबा चैतन्यानंद ने शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए और पीएचडी, कई पोस्ट-डॉक्टरेट डिग्रियां, डी.लिट. और भारत-विदेश के 7 विश्वविद्यालयों से मानद डी.लिट.की उपाधियां भी प्राप्त है।
आरोपी बाबा अमेरिका और ब्रिटेन के कॉर्पोरेट गवर्नेंस इंस्टीट्यूट तथा अखिल भारतीय प्रबंधन संघ के फेलो भी रहा। बाबा भगवद्गीता, उपनिषदों और भारतीय शास्त्रों पर शोध कर रहे थे और नेतृत्व व प्रबंधन पर व्याख्यान देता था।
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2009 और 2016 में छेड़खानी के दो मामले
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बाबा पर ओडिशा में पहले से दो छेड़खानी के मामले दर्ज हैं। पहला केस 2009 का है, जब एक महिला ने आश्रम में ही उत्पीड़न का आरोप लगाया था। दूसरा 2016 का, जिसमें एक अन्य शिकायतकर्ता ने ब्लैकमेल और धमकी का दावा किया।
ये मामले आश्रमों में उनकी गतिविधियों से जुड़े थे, लेकिन बाबा ने इन्हें रफा-दफा करा लिया था। दिल्ली पुलिस अब इन पुराने केसों की फिर से जांच कर रही है, ताकि आरोपी के पैटर्न को समझा जा सके।
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ब्लैकमेल, धमकी और वॉर्डन की साजिश
आश्रम में दो बैच चल रहे थे, जिनमें 35 से ज्यादा छात्राएं थीं। इनमें से 17 ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िताओं के बयानों के अनुसार, बाबा ने अश्लील मैसेज भेजे, जबरन शारीरिक संपर्क साधा, और गाली-गलौज की।
छात्राओं ने कोर्ट (पटियाला हाउस कोर्ट) में धारा 164 CrPC के तहत बयान दर्ज कराए, जहां कहा गया कि बाबा उन्हें लगातार ब्लैकमेल करता था। “किसी से बोलोगी तो अंजाम भुगतोगी” ऐसी धमकियां आम थीं।
चौंकाने वाली बात कुछ वॉर्डन (महिला स्टाफ) छात्राओं को आरोपी से मिलवाती थीं और दबाव बनाती थीं। 16 पीड़िताओं के बयान अदालत में दर्ज हो चुके हैं। पुलिस ने आश्रम के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं, और हार्ड डिस्क को FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) भेजा है।
फरार बाबा की आखिरी लोकेशन
मामला दर्ज होते ही बाबा फरार हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह लगातार लोकेशन बदल रहा है और मोबाइल का इस्तेमाल न्यूनतम कर रहा है। आखिरी ट्रेस आगरा (यूपी) के पास से आया। दिल्ली पुलिस ने यूपी STF के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। डीसीपी (साउथवेस्ट) अमित गोयल ने कहा, “आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लेंगे। कार जब्त हो चुकी है, और जांच तेज है।”
फर्जी UN नंबर प्लेट वाली वॉल्वो
जांच में एक और सनसनीखेज खुलासा – बाबा की लाल वॉल्वो कार पर फर्जी ’39 UN 1′ नंबर प्लेट लगी थी, जो UN की डिप्लोमेटिक प्लेट का नकली रूप था। पुलिस ने आश्रम के बेसमेंट से कार जब्त की। UN से वेरिफिकेशन पर पता चला कि ऐसा कोई नंबर जारी नहीं हुआ। बाबा ने खुद ही यह फर्जी प्लेट लगवाई थी, शायद विशेषाधिकार का दिखावा करने के लिए। इसके लिए अलग से BNS की धाराओं 345(3) (फर्जी मार्किंग), 318(4) (धोखाधड़ी), 336(3) (जालसाजी) और 340(2) (झूठा दस्तावेज) के तहत केस दर्ज हुआ।
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बाबा को निष्कासित, शिकायत दर्ज
दक्षिणामन्या श्री शारदा पीठम (शृंगेरी आश्रम) ने बयान जारी कर कहा, “स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की गतिविधियां अवैध, अनुचित और पीठ के हितों के खिलाफ थीं। हमने उसके साथ सभी संबंध समाप्त कर दिए हैं।” आश्रम ने खुद संबंधित अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज कराई है। यह संस्थान दक्षिण भारत के प्रसिद्ध शृंगेरी पीठम की दिल्ली शाखा है, जो शिक्षा और आध्यात्मिकता पर फोकस करता है। आश्रम ने कहा कि वे जांच में सहयोग करेंगे।
पीड़ित छात्राएं गरीब परिवारों से हैं, जो EWS स्कॉलरशिप पर मैनेजमेंट कोर्स कर रही थीं। एक छात्रा ने कहा, “हम शिक्षा के लिए आईं, लेकिन ब्लैकमेल का शिकार बनीं। वॉर्डन ने भी साथ दिया।” पुलिस ने 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए, जिनमें 17 ने स्पष्ट आरोप लगाए। मामला POCSO और IPC की धाराओं के तहत दर्ज है।