Mother and Son Tried to Commit Suicide in Tikamgarh : टीकमगढ़, मध्य प्रदेश। टीकमगढ़ जिले की मोहनगढ़ तहसील में शुक्रवार को एक दिल दहलाने वाली घटना घटी, जब कंचनपुरा गांव के घंसू प्रजापति के परिवार ने मुआवजे की मांग में आत्महत्या का प्रयास किया। कुछ समय पहले उनके मकान में आग लग गई थी, जिसके बाद राजस्व विभाग ने सर्वे कर नुकसान का आकलन किया।
परिवार का दावा है कि 30-40 हजार रुपये के नुकसान के बदले महज 8 हजार रुपये का मुआवजा तय किया गया, जो बिल्कुल अपर्याप्त था। इस अन्याय से तंग आकर वे डिप्टी कमिश्नर मनोज द्विवेदी के तहसील निरीक्षण के दौरान उनसे मिलने पहुंचे। लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया, जिससे मामला भड़क गया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब घंसू की पत्नी शीला प्रजापति ने हताशा में फांसी लगाने का प्रयास किया। देखते ही देखते उनके बेटे जितेंद्र ने मां से रस्सी छीन ली और खुद तहसील कार्यालय के एक पिलर से लटकने की कोशिश की। जितेंद्र ने रस्सी को पिलर पर बांधा और गले में डाल लिया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप कर उसे बचा लिया। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि पूरे कार्यालय में सनसनी फैल गई। परिवार के इस कदम ने अधिकारियों को झकझोर दिया, और आखिरकार उन्हें डिप्टी कमिश्नर से मिलने दिया गया।
डिप्टी कमिश्नर मनोज द्विवेदी ने परिवार से पूरा मामला सुना। उन्होंने आगजनी की घटना का विवरण लिया और तुरंत राहत राशि जारी करने का आश्वासन दिया। परिवार को समझाया गया कि जल्द ही उचित मुआवजा मिलेगा, और इसकी प्रक्रिया तेज की जाएगी। लेकिन यह घटना परिवार की पुरानी पीड़ा को फिर से उजागर कर गई।
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बताया जा रहा है कि 22 मार्च को भी जितेंद्र के पिता घंसू ने तहसील कार्यालय में ही मुआवजे की मांग को लेकर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय भी वे आगजनी के बाद मिलने वाले मुआवजे से नाराज थे। परिवार का कहना है कि सर्वे में नुकसान का सही आकलन नहीं हुआ और छोटी रकम से उनका घर दोबारा बनाना असंभव है।