Sunday power cut : नर्मदापुरम में रविवार सुबह बिजली का बड़ा झटका, आधे शहर में साढ़े तीन घंटे रहेगी कटौती

Sunday power cut : नर्मदापुरम। रविवार सुबह नर्मदापुरम के आधे शहर में लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। बिजली कंपनी द्वारा 33 केवी लाइन के मेंटेनेंस की वजह से सुबह 8 बजे से 11:30 बजे तक कई इलाकों की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। ऐसे में घरों से लेकर बाजार और सरकारी दफ्तरों तक कामकाज प्रभावित हो सकता है। बिजली कंपनी जोन-2 के मुताबिक नई 33 केवी लाइन का मेंटेनेंस किया जाएगा। इस दौरान कलेक्ट्रेट, हाउसिंग बोर्ड, आईटीआई, प्रोफेसर कॉलोनी, मालाखेड़ी, नर्मदा टाउन, सदर बाजार और सेठानी घाट फीडर से जुड़े क्षेत्रों की बिजली बंद रहेगी। Ashoknagar news : अशोकनगर जिला अस्पताल में थप्पड़कांड, आउटसोर्स मैनेजर से मारपीट CCTV में कैद इन इलाकों में रहेगी बिजली कटौती कोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट परिसर, आरसीसी मॉल, कोठी बाजार, जिला जेल, पुलिस लाइन, कमिश्नर कॉलोनी, इंद्रप्रस्थ, पटवारी कॉलोनी, बाबई रोड, कालिका नगर, बैंक कॉलोनी, पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, तवा कॉलोनी, शांतिनगर, मीनाक्षी चौक, गिन्नी कंपाउंड, गल्ला मंडी, तिवारी कॉलोनी, नारायण नगर, फॉरेस्ट डिपो, कोठी बाजार, होमगार्ड ऑफिस, व्यंकटेश परिसर, मंगलमय परिसर, डिवाइन सिटी, चक्कर रोड, सांई विहार कॉलोनी, आजाद चौक, कलेक्टर बंगला, पांच बंगला, कुलामढ़ी रोड, आनंद नगर, नर्मदा विहार, एनएमबी कॉलेज, गैरिज लाइन, सदर बाजार, बस स्टैंड, सिंधी कॉलोनी, सतरस्ता, अमर चौक, सेठानी घाट, एसपी ऑफिस के पास, मोरछली चौक, इतवारा बाजार, ताराहाता, एकता चौक और सराफा चौक समेत कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी ने लोगों से अपील की है कि मेंटेनेंस कार्य को देखते हुए जरूरी काम पहले ही निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। 108 ambulance issue : सीहोर में दम तोड़ रहीं 108 एंबुलेंस, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल
Ashoknagar news : अशोकनगर जिला अस्पताल में थप्पड़कांड, आउटसोर्स मैनेजर से मारपीट CCTV में कैद

Ashoknagar news : अशोकनगर। अशोकनगर जिला अस्पताल में शुक्रवार रात आउटसोर्सिंग कंपनी के मैनेजर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। अस्पताल के गेट पर हुए विवाद के दौरान एक कर्मचारी और पूर्व सुपरवाइजर ने मैनेजर को थप्पड़ मार दिए। पूरी घटना अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित मैनेजर ने मामले की शिकायत नई कोतवाली थाने में दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों का ठेका संभालने वाली कंपनी के मैनेजर राज यादव शुक्रवार रात अस्पताल परिसर में मौजूद थे। इसी बीच उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारी हरीचरण रजक को अस्पताल के अंदर जाते देखा। मैनेजर ने उसे रोककर पूछताछ की और पहचान पत्र (आईडी कार्ड) दिखाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। 108 ambulance issue : सीहोर में दम तोड़ रहीं 108 एंबुलेंस, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल पूर्व सुपरवाइजर के साथ मिलकर की मारपीट विवाद बढ़ने के दौरान अस्पताल का पूर्व आउटसोर्स सुपरवाइजर कारण पाल भी मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि हरीचरण रजक और कारण पाल ने मिलकर मैनेजर राज यादव के साथ गाली-गलौज की और थप्पड़ मारते हुए मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस अब फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पीड़ित मैनेजर ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। चोरी की घटनाओं के बाद बढ़ाई गई थी निगरानी मैनेजर राज यादव का कहना है कि जिला अस्पताल में पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने संदिग्ध लोगों से पूछताछ और निगरानी के निर्देश दिए थे। इसी वजह से अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही थी। Drinking water crisis : गड्ढे का गंदा पानी पीने को मजबूर 200 आदिवासी, नर्मदापुरम में नल-जल योजना नहीं पहुंची पुराने और नए कर्मचारियों के बीच विवाद की चर्चा अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि इस विवाद के पीछे पुराने और नए कर्मचारियों के बीच सामंजस्य की कमी भी एक वजह हो सकती है। बताया जा रहा है कि ठेका कंपनी के नए कर्मचारियों और पहले से काम कर रहे लोगों के बीच लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है।
108 ambulance issue : सीहोर में दम तोड़ रहीं 108 एंबुलेंस, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल

108 ambulance issue : सीहोर। सीहोर में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल तस्वीर नजर आ रही है। जिले में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाली 108 एंबुलेंस अब खुद रास्तों में दम तोड़ती दिखाई दे रही हैं। तकनीकी खराबी और खराब मेंटेनेंस के चलते कई एंबुलेंस बीच सड़क पर बंद हो रही हैं, जिन्हें चालू करने के लिए राहगीरों को धक्का लगाना पड़ रहा है। आमतौर पर एंबुलेंस का सायरन सुनते ही लोग किसी की जान बचाने के लिए रास्ता खाली कर देते हैं, लेकिन सीहोर में अब हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लोगों को एंबुलेंस आगे बढ़ाने के लिए खुद धक्का लगाना पड़ रहा है। Drinking water crisis : गड्ढे का गंदा पानी पीने को मजबूर 200 आदिवासी, नर्मदापुरम में नल-जल योजना नहीं पहुंची बीच रास्ते में बंद हो रहीं एंबुलेंस अस्पताल परिसर से लेकर नेशनल हाईवे तक कई बार एंबुलेंस खराब होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जान जोखिम में पड़ रही है, क्योंकि आपात स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर रास्ते में एंबुलेंस बंद होने से किसी मरीज की जान चली जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने एंबुलेंस के रखरखाव और मरम्मत के लिए आने वाले बजट के उपयोग पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि समय पर मेंटेनेंस नहीं होने के कारण एंबुलेंस लगातार खराब हो रही हैं। Petrol Price Hike: “देशभर में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, 9 दिनों में तीसरी बार इजाफा”, भोपाल में पेट्रोल ₹111 के पार” अस्पताल प्रबंधन का दावा वहीं, जिला अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी 108 एंबुलेंस का नियमित रूप से मेंटेनेंस कराया जाता है और तकनीकी खराबी आने पर तुरंत सुधार की प्रक्रिया शुरू की जाती है। तस्वीरों ने खोली व्यवस्था की पोल हालांकि, सड़क पर धक्का खाती एंबुलेंस की तस्वीरें स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलती नजर आ रही हैं। ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर मरीजों की जान बचाने वाली सेवा खुद कब तक सहारे के भरोसे चलती रहेगी।
Drinking water crisis : गड्ढे का गंदा पानी पीने को मजबूर 200 आदिवासी, नर्मदापुरम में नल-जल योजना नहीं पहुंची

Drinking water crisis : नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले के मढ़ई के पास जंगल में बसे पापड़पानी गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। यहां रहने वाले करीब 40 आदिवासी परिवारों के लगभग 200 लोग आज भी मजबूरी में गड्ढे का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अफसरों की लापरवाही के कारण गांव तक नल-जल योजना नहीं पहुंच पाई है। Twisha Sharma case : एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत केस, पति समर्थ सिंह गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम के दिए आदेश हैंडपंप बंद, गंदा पानी ही सहारा गांव में पानी का एकमात्र साधन हैंडपंप पिछले 8 दिनों से खराब पड़ा है। ऐसे में लोगों को करीब 200 मीटर दूर खुले गड्ढे (झिरिया) से पानी लाना पड़ रहा है। यह पानी पीने योग्य नहीं है, फिर भी मजबूरी में लोग इसका उपयोग कर रहे हैं। पानी में काई और गंदगी साफ दिखाई देती है। नल-जल योजना का लाभ नहीं मिला ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के अन्य गांवों में नल-जल योजना से नियमित पानी सप्लाई हो रही है, लेकिन पापड़पानी गांव अब भी इस सुविधा से वंचित है। कई बार मांग करने के बावजूद यहां योजना लागू नहीं की गई है। sehore news today : तहसील चौराहे पर जर्जर धर्मशाला से बढ़ा हादसे का खतरा, बारिश में ढहने की आशंका, प्रशासन पर उठे सवाल खतरे में लोगों की जान ग्रामीणों को 3 फीट नीचे उतरकर गड्ढे से पानी भरना पड़ता है, जिससे गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता है। सुबह-शाम महिलाएं और बच्चे भी इसी जोखिम के बीच पानी भरने जाते हैं। ग्रामीणों की समस्या लोगों का कहना है कि हैंडपंप कभी चलता है और कभी खराब हो जाता है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में गंदा पानी छानकर पीना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्राम पंचायत सचिव के अनुसार गांव में एक हैंडपंप है, जिसे खराब होने पर पीएचई विभाग की मदद से ठीक कराया जाता है। फिलहाल पापड़पानी में नल-जल योजना लागू नहीं है। Mountain Trekking : 5 साल की आर्या और 6 साल के धैर्य ने जीता हिमालय, माइनस तापमान में 3600 मीटर तक ट्रैकिंग, ‘स्नोमैन’ बना सपना और हौसला स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी डॉक्टरों के अनुसार गंदा या रुका हुआ पानी पीने से टाइफाइड और पीलिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए पानी को उबालकर या छानकर पीना सुरक्षित माना जाता है। पापड़पानी गांव में पेयजल संकट केवल सुविधा की कमी नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। ग्रामीण अब भी नल-जल योजना के जल्द विस्तार और स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
Twisha Sharma case : एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत केस, पति समर्थ सिंह गिरफ्तार, हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम के दिए आदेश

Twisha Sharma case : भोपाल। भोपाल में एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस केस में हर दिन नए खुलासे और कार्रवाई सामने आ रही है। आरोपी पति समर्थ सिंह गिरफ्तार मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने आरोपी पति समर्थ सिंह को जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया है और उसे भोपाल लाकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी की गई है। समर्थ की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। Petrol Price Hike: “देशभर में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, 9 दिनों में तीसरी बार इजाफा”, भोपाल में पेट्रोल ₹111 के पार” CCTV फुटेज में दिखी ट्विशा घटना से पहले का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें ट्विशा अपने ससुराल के पास स्थित ब्यूटी पार्लर में मेकअप कराती हुई नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह पार्लर उनके घर से महज कुछ ही दूरी पर था। पुलिस ने इस फुटेज को जांच में शामिल कर लिया है और इसे अहम सबूत के तौर पर देखा जा रहा है। घटना और शुरुआती जांच 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। शुरुआती जांच में ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके पक्ष ने पति और सास पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का दावा है कि ट्विशा को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और वह कई बार इसकी जानकारी अपने परिजनों को दे चुकी थीं। आखिरी यात्रा की जानकारी जांच में यह भी सामने आया है कि ट्विशा ने मौत से पहले अजमेर जाने के लिए ट्रेन टिकट बुक कराया था, जहां वह अपने भाई से मिलने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही यह घटना हो गई। Harda Suicide Case : हरदा में युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या: पत्नी डेढ़ महीने से मायके में थी, पेशे से था ड्राइवर फरारी और पहचान छिपाने का प्रयास फरारी के दौरान आरोपी पति समर्थ सिंह पर पहचान छिपाने का आरोप भी है। बताया गया कि उसने दाढ़ी बढ़ाकर, कैप और मास्क लगाकर खुद को छिपाने की कोशिश की। बाद में वह जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इस बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने समर्थ सिंह का वकालत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। हाईकोर्ट का आदेश और पोस्टमॉर्टम हाईकोर्ट ने मामले में अहम कदम उठाते हुए ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए हैं। यह पोस्टमॉर्टम AIIMS भोपाल में दिल्ली AIIMS की निगरानी में किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होगी। Cockroach Janta Party : कॉकरोच जनता पार्टी का सोशल मीडिया पर तूफान, 24 घंटे में फॉलोअर्स दोगुने, X अकाउंट ब्लॉक के बाद ‘Cockroach Is Back’ से नई एंट्री CBI जांच की संभावना मामला अब केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि राज्य सरकार ने इसकी CBI जांच के लिए केंद्र को पत्र भी भेजा है। परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ की तैयारी में है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के दिन आखिर क्या हुआ था और फरारी के दौरान उसे किसने मदद दी। अदालत में पेशी और आगे की रिमांड इस केस की दिशा तय करेगी।
Petrol Price Hike: “देशभर में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम, 9 दिनों में तीसरी बार इजाफा”, भोपाल में पेट्रोल ₹111 के पार”

मुख्य बिंदु देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ीं 9 दिनों में लगातार 3 बार दाम बढ़े देश और राज्य में अब तक करीब ₹5 की बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी Petrol Price Hike : भोपाल। “देशभर में एक बार फिर पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने आम लोगों की जेब पर असर डाला है। सिर्फ दो हफ्तों में तीसरी बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम जनता पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी ईंधन के दाम बढ़ गए हैं।” 9 दिनों के अंदर ही पेट्रोलियम कंपनियों ने तीसरी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं। शनिवार को पेट्रोल की कीमत में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद भोपाल में पेट्रोल की कीमत ₹111.71 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। Cockroach Janta Party : भोपाल से उठी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की आवाज, युवाओं की नाराजगी को आंदोलन में बदलने की तैयारी इस महीने मध्य प्रदेश समेत देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार तीन बार बढ़ चुकी हैं। जहां 15 मई को पहली बार करीब ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बाद 19 मई को दूसरी बार करीब 90 पैसे प्रति लीटर दाम बढ़े थे। अब तीसरी बढ़ोतरी के बाद मई में कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल करीब ₹5 प्रति लीटर तक महंगे हो गए हैं। 9 दिन में तीसरी बढ़ोतरी से बढ़ा बोझ लगातार बढ़ती कीमतों से आम उपभोक्ताओं पर असर बढ़ता जा रहा है। 9 दिनों में तीन बार हुई बढ़ोतरी ने पेट्रोल-डीजल को और महंगा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें जिम्मेदार कीमतों में बढ़ोतरी की अहम वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बाद क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जबकि पहले यह करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थीं। Harda Suicide Case : हरदा में युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या: पत्नी डेढ़ महीने से मायके में थी, पेशे से था ड्राइवर कैसे तय होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम भारत में ईंधन की कीमतें कई घटकों पर निर्भर करती हैं। इसमें कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनिंग लागत, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और राज्य सरकार का वैट शामिल होता है। इन्हीं कारणों से अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम अलग होते हैं। कंपनियों को नुकसान और बाजार का दबाव सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अनुमान के मुताबिक कंपनियों को हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का घाटा हो रहा है। sehore news today : तहसील चौराहे पर जर्जर धर्मशाला से बढ़ा हादसे का खतरा, बारिश में ढहने की आशंका, प्रशासन पर उठे सवाल