Cockroach Janta Party : भोपाल से उठी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की आवाज, युवाओं की नाराजगी को आंदोलन में बदलने की तैयारी

Cockroach Janta Party

Cockroach Janta Party : भोपाल।  भोपाल में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस दौरान पार्टी सदस्यों ने युवाओं, छात्रों, बेरोजगारी और परीक्षा घोटालों जैसे मुद्दों को लेकर अपनी रणनीति साझा की। मीडिया से बातचीत में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मयंक ने कहा कि यह किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के विरोध में लड़ाई नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था के खिलाफ आवाज है जिसने लाखों युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक, भ्रष्टाचार और बढ़ती बेरोजगारी ने युवाओं को बेहद निराश किया है, जिसके खिलाफ पार्टी जनआंदोलन खड़ा करेगी। sehore news today : तहसील चौराहे पर जर्जर धर्मशाला से बढ़ा हादसे का खतरा, बारिश में ढहने की आशंका, प्रशासन पर उठे सवाल प्रदेशभर में नई टीम बनाने की तैयारी पार्टी सदस्यों ने बताया कि मध्यप्रदेश में जल्द ही प्रदेश और जिला स्तर पर संगठन की टीम तैयार की जाएगी। इसके लिए नियम तय किए जा रहे हैं। पार्टी का लक्ष्य प्रदेशभर में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को टीम से जोड़ना है। सोशल मीडिया पर मिल रहा सपोर्ट मयंक ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर पार्टी को तेजी से सपोर्ट मिल रहा है और करीब दो करोड़ लोगों तक इसकी पहुंच बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इनमें सबसे ज्यादा लोग मध्यप्रदेश से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में पार्टी के सदस्यों की संख्या 25 करोड़ के पार पहुंच सकती है। Harda Suicide Case : हरदा में युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या: पत्नी डेढ़ महीने से मायके में थी, पेशे से था ड्राइवर ऑनलाइन अभियान की भी शुरुआत नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन पेटिशन अभियान भी शुरू किया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने कहा कि युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों के अधिकारों को लेकर सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके साथ ही अभियान के फाउंडर सदस्य अभिजीत दीपके, मेघानंद एस और अर्पित शर्मा के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

sehore news today : तहसील चौराहे पर जर्जर धर्मशाला से बढ़ा हादसे का खतरा, बारिश में ढहने की आशंका, प्रशासन पर उठे सवाल

sehore news today

  sehore news today : सीहोर।  सीहोर के व्यस्त तहसील चौराहे पर खड़ी एक जर्जर धर्मशाला दिन-ब-दिन लोगों के लिए खतरे की वजह बनती जा रही है। दीवारों में पड़ी दरारें और कमजोर हो चुकी छत को देखकर स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि बारिश के मौसम में यह इमारत कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। तहसील चौराहा शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक है, जहां सुबह से देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से आने वाले लोग कलेक्ट्रेट, तहसील और कोर्ट से जुड़े कामों के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग के पास स्थित यह जर्जर धर्मशाला लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। Harda Suicide Case : हरदा में युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या: पत्नी डेढ़ महीने से मायके में थी, पेशे से था ड्राइवर जर्जर इमारत बनी लोगों की चिंता स्थानीय लोगों का कहना है कि धर्मशाला की हालत पिछले काफी समय से खराब बनी हुई है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इमारत की दीवारों में कई जगह गहरी दरारें साफ दिखाई देती हैं, जबकि छत का हिस्सा भी कमजोर नजर आता है। लोगों को डर है कि लगातार बारिश होने पर यह ढांचा कभी भी भरभराकर गिर सकता है। समाजसेवी ने उठाए सवाल समाजसेवी विवेक राठिया ने इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस जर्जर इमारत को सुरक्षित नहीं किया गया या हटाया नहीं गया, तो भविष्य में बड़ा हादसा होने की काफी संभावना है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। Rajya Sabha Election 2026 : मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनावी घमासान, 18 जून को मतदान, 11 जून तक नाम वापसी पूरी नगर पालिका ने कार्रवाई का दिया आश्वासन वहीं, इस मामले में नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि जर्जर धर्मशाला का मामला उनके संज्ञान में है। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले प्रशासन को जल्द कदम उठाने की जरूरत है।

Harda Suicide Case : हरदा में युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या: पत्नी डेढ़ महीने से मायके में थी, पेशे से था ड्राइवर

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 Harda Suicide Case : हरदा।   हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र की माधव कॉलोनी में गुरुवार को एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया था, जहां शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। Cockroach Janta Party : कॉकरोच जनता पार्टी का सोशल मीडिया पर तूफान, 24 घंटे में फॉलोअर्स दोगुने, X अकाउंट ब्लॉक के बाद ‘Cockroach Is Back’ से नई एंट्री युवक पेशे से ड्राइवर था पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान संदीप पिता गजराज सिंह राजपूत (36) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम सामरधा का निवासी था और माधव कॉलोनी में अपनी मां के साथ रहता था। संदीप पेशे से ड्राइविंग का काम करता था। जानकारी के अनुसार, संदीप की पत्नी बच्चों के साथ पिछले डेढ़ महीने से खंडवा जिले के ग्राम गुराड़या स्थित अपने मायके में रह रही थी। इस दौरान घर में संदीप और उसकी मां ही मौजूद थे। गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे संदीप ने घर पर सल्फॉस का सेवन कर लिया। Rajya Sabha Election 2026 : मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनावी घमासान, 18 जून को मतदान, 11 जून तक नाम वापसी पूरी आत्महत्या के कारण अभी साफ नहीं जहर खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने उसे तत्काल टिमरनी अस्पताल पहुंचाया। वहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान शाम करीब 6 बजे संदीप की मौत हो गई। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सुदर्शन चौहान ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। हालांकि, प्रथम दृष्टया यह मामला जहर सेवन से हुई मौत का प्रतीत हो रहा है। Shiksha Ghar Yojana : एमपी में ‘शिक्षा घर योजना’ शुरू करेगी सरकार, ड्रॉपआउट छात्रों को फिर स्कूल से जोड़ा जाएगा

Cockroach Janta Party : कॉकरोच जनता पार्टी का सोशल मीडिया पर तूफान, 24 घंटे में फॉलोअर्स दोगुने, X अकाउंट ब्लॉक के बाद ‘Cockroach Is Back’ से नई एंट्री

Cockroach Janta Party

Cockroach Janta Party : डिजिटल संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स 24 घंटे के भीतर तेजी से बढ़ते हुए 1.96 करोड़ तक पहुंच गए हैं, जो देश की कई प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से अधिक बताए जा रहे हैं। X अकाउंट ब्लॉक के बाद नया डिजिटल रूप CJP का पुराना X अकाउंट ब्लॉक होने के बाद संगठन ने नया अकाउंट ‘Cockroach Is Back’ के नाम से शुरू किया। नए अकाउंट के बायो में लिखा गया है—“कॉकरोच डोंट डाय” यानी कॉकरोच मरते नहीं। इस बदलाव के बाद संगठन को सोशल मीडिया पर और अधिक समर्थन मिलता दिख रहा है। Bhojshala Maa Vagdevi : 721 साल बाद भोजशाला में गूंजेगा माँ वाग्देवी का जयघोष, आज ऐतिहासिक महाआरती, सुरक्षा के कड़े इंतजाम संस्थापक ने लगाए गंभीर आरोप CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि उनके अकाउंट को हैक करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई, जिससे संगठन की डिजिटल उपस्थिति प्रभावित करने का प्रयास किया गया। विचारधारा, विवाद और युवाओं का कनेक्शन कॉकरोच जनता पार्टी खुद को एक डिजिटल राजनीतिक आंदोलन के रूप में पेश करती है, जो बेरोजगार और ऑनलाइन एक्टिव युवाओं की आवाज बताती है। इसके कंटेंट, मैनिफेस्टो और सोशल मीडिया कैंपेन ने युवाओं के बीच खास पहचान बनाई है, जिससे यह संगठन तेजी से वायरल हो रहा है। Mountain Trekking : 5 साल की आर्या और 6 साल के धैर्य ने जीता हिमालय, माइनस तापमान में 3600 मीटर तक ट्रैकिंग, ‘स्नोमैन’ बना सपना और हौसला

Bhojshala Maa Vagdevi : 721 साल बाद भोजशाला में गूंजेगा माँ वाग्देवी का जयघोष, आज ऐतिहासिक महाआरती, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Dhar Bhojshala

 Bhojshala Maa Vagdevi : धार।  धार स्थित भोजशाला परिसर आज एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रहा है, जहां 721 साल बाद माँ वाग्देवी की महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस बार परिसर में नमाज नहीं होगी और पूरे क्षेत्र में धार्मिक आयोजन का माहौल देखने को मिल रहा है। श्रद्धा और आस्था का उमड़ा जनसैलाब सुबह 9 बजे पहली आरती वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई, जिससे पूरा परिसर गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंच रहे हैं और माहौल पूरी तरह भक्तिमय और भावुक बना हुआ है। लोगों में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर गहरा उत्साह देखने को मिल रहा है। Twisha Death Case : ट्विशा मौत मामला, हाईकोर्ट में आज बड़ा फैसला संभव, पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत पर टिकी निगाहें सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम, धार छावनी में तब्दील आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। पूरे भोजशाला परिसर में डॉग स्क्वॉड और मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है। करीब 2200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और क्षेत्र में लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है। बदलता नजारा और ऐतिहासिक माहौल इस बार भोजशाला के बाहर पहली बार पूजा-पाठ और धार्मिक सामग्री की दुकानें सजी नजर आईं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने। पूरा क्षेत्र एक ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण का गवाह बन रहा है। Mountain Trekking : 5 साल की आर्या और 6 साल के धैर्य ने जीता हिमालय, माइनस तापमान में 3600 मीटर तक ट्रैकिंग, ‘स्नोमैन’ बना सपना और हौसला

Twisha Death Case : ट्विशा मौत मामला, हाईकोर्ट में आज बड़ा फैसला संभव, पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत पर टिकी निगाहें

Twisha Death Case

Twisha Death Case : भोपाल।  भोपामें ट्विशा की मौत से जुड़ा मामला एक बार फिर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर आज जबलपुर हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। इस सुनवाई को केस की दिशा तय करने वाला अहम मोड़ माना जा रहा है। जिला अदालत पहले ही दे चुकी है झटका इससे पहले 18 मई को भोपाल जिला न्यायालय ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट के इस फैसले के बाद आरोपी पक्ष ने राहत के लिए जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। Heatwave 2026 : मध्य प्रदेश में नौतपा से पहले ही तपिश का तांडव, 41 जिलों में लू का अलर्ट, कई जगह पारा 46 डिग्री के पार पहुंचने की आशंका फरार आरोपी पर इनाम घोषित पुलिस ने समर्थ सिंह पर ₹30,000 का इनाम घोषित किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है और कई संभावित ठिकानों पर जांच की जा रही है। जांच की दिशा और आगे की प्रक्रिया ट्विशा की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार जारी है। तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले को आगे बढ़ाया जा रहा है। हाईकोर्ट की आज की सुनवाई इस केस की कानूनी दिशा को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है। Rajya Sabha Election 2026 : मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनावी घमासान, 18 जून को मतदान, 11 जून तक नाम वापसी पूरी

Rajya Sabha Election 2026 : मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर चुनावी घमासान, 18 जून को मतदान, 11 जून तक नाम वापसी पूरी

Rajya Sabha Election 2026

Rajya Sabha Election 2026 : मध्य प्रदेश।  भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने राज्यसभा चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान कर दिया है, जिसके साथ ही मध्य प्रदेश की तीन रिक्त सीटों पर सियासी हलचल तेज हो गई है। 18 जून को होने वाला मतदान न केवल राजनीतिक दलों की ताकत का इम्तिहान होगा, बल्कि आने वाले समय की रणनीतिक दिशा भी तय करेगा। नामांकन प्रक्रिया 8 जून तक चलेगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। उसी दिन शाम तक परिणाम घोषित होने की संभावना भी जताई गई है। Heatwave 2026 : मध्य प्रदेश में नौतपा से पहले ही तपिश का तांडव, 41 जिलों में लू का अलर्ट, कई जगह पारा 46 डिग्री के पार पहुंचने की आशंका चुनाव का ऐलान और राजनीतिक महत्व राज्यसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक दलों में बैठकों और रणनीति का दौर तेज हो गया है। मध्य प्रदेश की तीन सीटें खाली होने के कारण सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। राज्यसभा में संतुलन बनाए रखने के लिए हर सीट महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, ऐसे में यह मुकाबला केवल औपचारिक नहीं बल्कि पूरी तरह रणनीतिक होगा। नामांकन और जांच प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जून 2026 को अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवार 8 जून तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की त्रुटि या आपत्ति की स्थिति में नामांकन खारिज भी हो सकता है। 11 जून तक नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है, जिसके बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी होगी। Mountain Trekking : 5 साल की आर्या और 6 साल के धैर्य ने जीता हिमालय, माइनस तापमान में 3600 मीटर तक ट्रैकिंग, ‘स्नोमैन’ बना सपना और हौसला मतदान और प्रक्रिया का स्वरूप 18 जून 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। यह चुनाव विधानसभा सदस्यों के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से होता है, इसलिए विधायकों का समर्थन ही उम्मीदवारों की जीत तय करता है। मध्य प्रदेश में तीन सीटों के लिए मुकाबला होने के कारण क्रॉस वोटिंग और पार्टी व्हिप पर भी सभी की नजरें रहेंगी। परिणाम और संभावित राजनीतिक समीकरण मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होकर परिणाम घोषित कर दिए जाने की संभावना है। इस चुनाव के नतीजे राज्य की सियासी दिशा पर भी असर डाल सकते हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी संख्या और गठबंधन की मजबूती के आधार पर रणनीति बना रहे हैं। क्रॉस वोटिंग या भीतरघात की स्थिति में समीकरण बदलने की पूरी संभावना बनी हुई है। Crime News : नर्मदापुरम में 53 लाख का बैंक घोटाला, 103 महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन, मैनेजर-कैशियर समेत 4 पर केस

Heatwave 2026 : मध्य प्रदेश में नौतपा से पहले ही तपिश का तांडव, 41 जिलों में लू का अलर्ट, कई जगह पारा 46 डिग्री के पार पहुंचने की आशंका

Heatwave 2026

 Heatwave 2026 : मध्य प्रदेश।  मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां नौतपा से पहले ही सूरज के तेवर बेहद कड़े हो गए हैं। तपती दोपहर और गर्म हवाओं ने पूरे प्रदेश को जैसे भट्टी में बदल दिया है और आने वाले दिनों में राहत की कोई संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। गर्मी का बढ़ता प्रकोप और मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में तापमान लगातार तेजी से बढ़ रहा है और सुबह के समय ही कई जिलों में पारा 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। अनुमान है कि यह गर्मी का दौर 31 मई तक अपने चरम पर रहेगा। इसी को देखते हुए मौसम केंद्र ने प्रदेश के 41 जिलों में लू की चेतावनी जारी की है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। Mountain Trekking : 5 साल की आर्या और 6 साल के धैर्य ने जीता हिमालय, माइनस तापमान में 3600 मीटर तक ट्रैकिंग, ‘स्नोमैन’ बना सपना और हौसला रेड अलर्ट वाले जिले और सबसे गंभीर स्थिति निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में अगले 24 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भीषण लू चलने की संभावना है और तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच सकता है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक मानी जा रही है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए। ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में असर ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रायसेन, सीहोर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज धूप और गर्म हवाओं का असर बना रहेगा। Crime News : नर्मदापुरम में 53 लाख का बैंक घोटाला, 103 महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन, मैनेजर-कैशियर समेत 4 पर केस जनजीवन पर असर और बढ़ती मुश्किलें भीषण गर्मी का असर अब आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है और बाजारों में सन्नाटा पसर गया है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं, जिससे दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। मौसम विभाग की एडवाइजरी और सावधानियां मौसम विभाग ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें, हल्के और ढीले कपड़े पहनें और सीधे धूप के संपर्क से बचें। हीटवेव के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की भी अपील की गई है। Farmers Protest : हरदा में नहर का पानी नहीं मिलने पर किसानों ने किया चक्काजाम, बोले- सूख रही मूंग की फसल

Mountain Trekking : 5 साल की आर्या और 6 साल के धैर्य ने जीता हिमालय, माइनस तापमान में 3600 मीटर तक ट्रैकिंग, ‘स्नोमैन’ बना सपना और हौसला

mountain tracker

Mountain Trekking :  भोपाल।   भोपाल के दो छोटे बच्चों ने वो कर दिखाया, जिसे सुनकर अनुभवी ट्रेकर्स भी हैरान रह जाएं। उम्र सिर्फ 5 और 6 साल, लेकिन जज्बा ऐसा कि बर्फीली हवाओं, माइनस तापमान और कठिन पहाड़ी रास्तों के बीच भी उनके कदम नहीं डगमगाए। राजधानी भोपाल के बागमुगालिया क्षेत्र की रहने वाली 5 वर्षीय आर्या और 6 वर्षीय धैर्य ने हिमाचल प्रदेश के मंजनी टॉप ट्रैक पर करीब 3600 मीटर की ऊंचाई तक ट्रैकिंग पूरी की। यह सफर सिर्फ पहाड़ चढ़ने का नहीं था, बल्कि बच्चों के साहस, जिद, अनुशासन और प्रकृति से जुड़ने की एक खूबसूरत कहानी बन गया। Crime News : नर्मदापुरम में 53 लाख का बैंक घोटाला, 103 महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन, मैनेजर-कैशियर समेत 4 पर केस छोटी उम्र, बड़ा हौसला हिमालय की ऊंचाइयों पर जहां बड़े लोग भी सांसों की रफ्तार संभालते नजर आते हैं, वहां आर्या और धैर्य अपने छोटे-छोटे कदमों से लगातार आगे बढ़ते रहे। रास्ते में बर्फ, तेज ठंडी हवाएं और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियां थीं, लेकिन दोनों बच्चों के चेहरे पर डर से ज्यादा उत्साह दिखाई देता रहा। ट्रैकिंग टीम के सदस्य भी बच्चों की ऊर्जा देखकर हैरान थे। कई जगह जहां बड़े ट्रेकर्स रुककर आराम कर रहे थे, वहां ये दोनों बच्चे मुस्कुराते हुए आगे बढ़ने की जिद कर रहे थे। ‘बहुत मजा आया…’ मासूमियत में दिखी जीत की खुशी ट्रैक पूरा करने के बाद जब आर्या से बात की गई तो उसकी आंखों में थकान कम और खुशी ज्यादा दिखाई दी। वह मुस्कुराते हुए पूरे सफर को याद करती रही। आर्या ने बताया कि चढ़ाई के दौरान वह थकी जरूर थी, लेकिन उसे “बहुत मजा आया।” उसने यह भी माना कि जंगल वाले हिस्से में उसे जंगली जानवरों का थोड़ा डर लगा था, लेकिन उसने खुद को संभाला और आगे बढ़ती रही। उसकी मासूम बातें सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। इतनी छोटी बच्ची का यह आत्मविश्वास हर किसी को प्रेरित कर रहा था। Shahpura Bridge : शहपुरा ब्रिज मामले में हाईकोर्ट सख्त, केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस, चार सप्ताह में मांगा जवाब ‘टॉप पर स्नोमैन बनाएंगे’ बना सबसे बड़ा मोटिवेशन आर्या के पिता हिमांशु सोनी, जो पेशे से आर्किटेक्ट हैं, बताते हैं कि इस ट्रैकिंग का उद्देश्य सिर्फ एडवेंचर नहीं था। वे चाहते थे कि उनकी बेटी प्रकृति को करीब से महसूस करे और बचपन से ही चुनौतियों का सामना करना सीखे। उन्होंने बताया कि आर्या को मोटिवेट करने के लिए सिर्फ एक छोटी-सी बात कही गई थी “टॉप पर पहुंचकर स्नोमैन बनाएंगे।” बस, यही सपना उसके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया। पूरे रास्ते वह स्नोमैन बनाने की बात करती रही और उसी उत्साह के साथ आगे बढ़ती गई। 7 किलोमीटर पैदल चलकर खुद बनाई तैयारी आर्या की तैयारी की कहानी भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। पिता बताते हैं कि एक दिन उसने खुद जिद की कि वह घर से स्कूल तक पूरा रास्ता पैदल चलेगी। करीब 7 किलोमीटर की दूरी के दौरान कई बार उसे गोद में लेने की कोशिश की गई, लेकिन उसने साफ मना कर दिया। उस दिन की जिद ने परिवार को समझा दिया था कि बच्ची मानसिक रूप से बेहद मजबूत है। यही आत्मविश्वास बाद में हिमालय की कठिन चढ़ाई में भी नजर आया। Twisha Sharma Case : ट्विशा शर्मा मौत मामला, हाई कोर्ट जा सकता है परिवार, शव सुरक्षित रखने को लेकर नई चुनौती धैर्य ने भी दिखाया गजब का आत्मविश्वास इस ट्रैक में भोपाल के ही 6 वर्षीय धैर्य ने भी अपनी हिम्मत से सबका ध्यान खींचा। पूरे सफर के दौरान उसकी ऊर्जा लगातार बनी रही। धैर्य की बातचीत और व्यवहार में भी आत्मविश्वास साफ दिखाई देता था। उसने ट्रैकिंग को किसी मुश्किल परीक्षा की तरह नहीं, बल्कि एक रोमांचक अनुभव की तरह लिया। यही वजह रही कि कठिन परिस्थितियों में भी उसका उत्साह कम नहीं हुआ। ‘बच्चों को कंक्रीट से निकालकर नेचर में लाना जरूरी’ धैर्य के पिता राहुल कौशल, जो उद्योगपति हैं, कहते हैं कि आज के बच्चे मोबाइल, घर और कॉलोनियों तक सीमित होते जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें प्रकृति के करीब ले जाना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, जंगल, पहाड़ और खुला वातावरण बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। वे चुनौतियों को समझना सीखते हैं और आत्मनिर्भर बनते हैं। उन्होंने कहा कि असली सीख सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि अनुभवों से मिलती है। यही सोच उन्हें बेटे को इस ट्रैक पर लाने के लिए प्रेरित करती रही। Vidisha News today : विदिशा में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 700 मेडिकल स्टोर बंद, काले कपड़े पहनकर निकाली वाहन रैली साइकिलिंग और वॉकिंग बनी फिटनेस की ताकत धैर्य के पिता बताते हैं कि उन्होंने बेटे के लिए कोई कठिन ट्रेनिंग प्लान नहीं बनाया था। बस नियमित वॉकिंग और साइकिलिंग को उसकी दिनचर्या का हिस्सा बना दिया गया। सुबह-शाम करीब एक घंटे की एक्टिविटी से उसकी स्टैमिना और फिटनेस बेहतर हुई। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती उसे रोज मोटिवेट करना था, क्योंकि छोटे बच्चों का ध्यान जल्दी बदल जाता है। लेकिन धीरे-धीरे धैर्य ने इस एक्टिव लाइफस्टाइल को अपना लिया। माइनस तापमान में भी नहीं टूटा हौसला जैसे-जैसे ट्रैक ऊंचाई की ओर बढ़ता गया, मौसम और कठिन होता गया। तापमान शून्य से नीचे पहुंच चुका था। तेज बर्फीली हवाएं लगातार शरीर को चुनौती दे रही थीं। लेकिन इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद दोनों बच्चों ने हार नहीं मानी। वे लगातार आगे बढ़ते रहे और आखिरकार मंजनी टॉप तक पहुंचकर अपनी इस यादगार यात्रा को पूरा किया। 3600 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर बच्चों की खुशी देखने लायक थी। वहां सिर्फ एक ट्रैक पूरा नहीं हुआ था, बल्कि दो छोटे बच्चों ने यह साबित कर दिया था कि हिम्मत उम्र की मोहताज नहीं होती। MP Weather : बैतूल में सीजन का सबसे गर्म दिन, नौतपा से पहले ही लू जैसे हालात, तापमान 43.8 डिग्री पहुंचा सिर्फ ट्रैकिंग नहीं, एक सीख भी आर्या और धैर्य की यह कहानी सिर्फ एडवेंचर की खबर नहीं है। यह उन माता-पिता के लिए भी एक संदेश है, जो बच्चों को बचपन से ही मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रकृति से जुड़ा हुआ देखना चाहते हैं। मोबाइल स्क्रीन और बंद कमरों के दौर में इन दो बच्चों