हाइलाइट्स
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एमपी में LPG की केवल 15% गैस उपलब्ध
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घरेलू सिलेंडर के लिए 5–7 दिन लंबी वेटिंग
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होटल, रेस्टोरेंट और मेट्रो प्रभावित
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दाल, मसाले और ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़े
Gas supply crisis MP : मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश में LPG की कमी अब किचन तक पहुंच गई है। ऑयल कंपनियों के अनुसार, प्रदेश में सिर्फ 15% गैस ही उपलब्ध है, जो केवल इमरजेंसी सेवा और घरों के लिए इस्तेमाल की जा सकेगी।
3 दिन से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप है, वहीं घरेलू सिलेंडर के लिए 5 से 7 दिन की लंबी वेटिंग लग रही है।
भोपाल और इंदौर मेट्रो, होटल, रेस्टोरेंट और शादियों पर इसका सीधा असर पड़ा है। कमर्शियल सिलेंडर अब केवल अस्पताल, सेना-पुलिस कैंटीन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट स्थित कैंटीन को ही मिलेंगे।
होटल और रेस्टोरेंट में संकट
भोपाल होटल एसोसिएशन के तेजकुल पाल सिंह पाली के अनुसार, राजधानी में डेढ़ हजार से अधिक होटल हैं, जहां रोजाना 2–2.5 हजार सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं।
स्टॉक मात्र 48 घंटे के लिए पर्याप्त है। इससे बाद होटल और रेस्टोरेंट का संचालन प्रभावित होगा।
घरेलू सिलेंडर की लंबी वेटिंग
जिम्मेदार दावा कर रहे हैं कि घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है, लेकिन हकीकत में लंबी वेटिंग है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगी हैं। TT नगर इलाके में तो सिलेंडर के लिए लोगों की भाग-दौड़ भी देखी गई।
शादियों और व्यावसायिक उपयोग पर असर
मार्च में प्रदेश में 20,000 से अधिक शादियां आयोजित हो रही हैं। इन कार्यक्रमों में कमर्शियल सिलेंडर की भारी जरूरत है, लेकिन सप्लाई ठप होने के कारण खाना बनाने में मुश्किलें बढ़ रही हैं। भोपाल के 3,000 आभूषण कारीगरों को भी महीने में लगभग 9,000 सिलेंडर की जरूरत होती है।
खाद्य सामग्री और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी
ईरान-इजरायल के युद्ध का असर अब बाजार में दिखाई दे रहा है। दाल, मसाले और ड्राई फ्रूट्स के दाम बढ़े हैं। मूंग, चना, मसूर और तूअर दाल के भाव 100–300 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गए हैं। सोयाबीन और मूंगफली तेल के दाम भी बढ़े हैं।
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सरकार का दावा और आवश्यक वस्तु अधिनियम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में पेट्रोल, डीजल और गैस की निगरानी के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है।
केंद्र सरकार ने गैस और जरूरी वस्तुओं की जमाखोरी रोकने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू किया है। गैस को चार कैटेगरी में बांटा गया है:
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पूरी सप्लाई – घर की रसोई गैस और CNG
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खाद कारखाने – 70% गैस
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बड़े उद्योग – 80% गैस
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छोटे बिजनेस और होटल – 80% गैस