- रायसेन के रघुनंदन शर्मा का मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक में चयन।
- लोक सेवा आयोग में तीन प्रयासों के बाद भी नहीं मिली थी सफलता।
- असफलताओं से निराश होकर बदली तैयारी की दिशा।
- बैंकिंग परीक्षा में पहले ही प्रयास में बने प्रोबेशनरी अधिकारी।
Raisen news : रायसेन। रायसेन शहर के वार्ड-11 निवासी रघुनंदन शर्मा ने सफलता की नई मिसाल पेश की है। उनका चयन मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक में प्रोबेशनरी अधिकारी के पद पर हुआ है। खास बात यह है कि रघुनंदन ने बैंकिंग परीक्षा में पहले ही प्रयास में यह सफलता हासिल की है।
रघुनंदन शर्मा, ग्राम पंचायत सचिव गोविंद प्रसाद शर्मा के पुत्र हैं। उन्होंने यह उपलब्धि कठिन संघर्ष, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के बल पर प्राप्त की है।
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लोक सेवा आयोग की तैयारी, लेकिन लगातार असफलता
रघुनंदन ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2020 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू की थी।
उन्होंने वर्ष 2021, 2022 और 2023 में लगातार तीन बार परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
लगातार असफलताओं का उन पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा और वे कुछ समय के लिए अवसाद में भी चले गए। हालांकि, इसी दौर में उन्होंने खुद को संभाला और सोच बदलकर आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
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असफलता को बनाया सीख का माध्यम
रघुनंदन के अनुसार, उन्होंने इस कठिन समय में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बढ़ाने पर काम किया।
उन्होंने सीखा कि असफलता किसी भी तैयारी की प्रक्रिया का हिस्सा होती है और इससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है।
बैंकिंग क्षेत्र की ओर बदली तैयारी
लोक सेवा आयोग में सफलता न मिलने के बाद रघुनंदन ने कुछ महीने पहले बैंकिंग क्षेत्र की परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
उन्होंने सीमित समय में केंद्रित और समझदारी भरी तैयारी की रणनीति अपनाई।
इस मेहनत का नतीजा यह रहा कि उन्होंने प्रोबेशनरी अधिकारी की परीक्षा पहले ही प्रयास में उत्तीर्ण कर ली और मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक में चयनित हो गए।
शिक्षा और पारिवारिक सहयोग
रघुनंदन की प्रारंभिक शिक्षा रायसेन के शाइनिंग पब्लिक स्कूल से हुई, जहां वे विद्यालय के टॉपर भी रहे।
उनके परिवार में पिता ग्राम पंचायत सचिव हैं, मां गृहिणी हैं और बहन अभी पढ़ाई कर रही है।
रघुनंदन अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बहन को देते हैं, जिन्होंने कठिन समय में उनका पूरा सहयोग और हौसला बढ़ाया।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक कहानी
रघुनंदन शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बार-बार असफल होने के बाद निराश हो जाते हैं।
उनकी सफलता यह संदेश देती है कि लक्ष्य बदलना हार नहीं होता, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालकर आगे बढ़ना भी सफलता का ही एक रास्ता है।