हाइलाइट्स
- सोयाबीन के दाम 500–600 रुपए प्रति क्विंटल तक गिरे
- 5800 से घटकर 5200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा भाव
- गेहूं में 100–200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील की चर्चा से बाजार प्रभावित
Vidisha Mandi : विदिशा। विदिशा जिले की कृषि उपज मंडियों में पिछले एक पखवाड़े में सोयाबीन और गेहूं के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। सोयाबीन के भाव 500 से 600 रुपए प्रति क्विंटल तक टूट गए हैं, जबकि गेहूं के दाम भी 100 से 200 रुपए प्रति क्विंटल कम हुए हैं। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
सोयाबीन 5800 से गिरकर 5200 रुपए प्रति क्विंटल
कुछ समय पहले तक सोयाबीन 5500 से 5800 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था, लेकिन अब इसके भाव घटकर करीब 5200 रुपए प्रति क्विंटल रह गए हैं।
राज्य सरकार की भावांतर योजना के तहत जिले के 75 प्रतिशत से अधिक किसानों ने अपनी उपज बेच दी थी। हालांकि कई किसानों ने बेहतर दाम की उम्मीद में सोयाबीन रोक रखा था, जिन्हें अब नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की चर्चा का असर
व्यापारियों के अनुसार भारत-अमेरिका ट्रेड डील की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में डीओसी (डिगम्ड ऑयल केक) के भाव कमजोर हुए हैं। इससे सोयाबीन तेल फैक्ट्रियों की मांग घटी और दामों पर दबाव बढ़ा।
अनाज व्यापारी सुरेश माहेश्वरी ने बताया कि जैसे ही ट्रेड डील की चर्चा शुरू हुई, बाजार में लगभग 500 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई।
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वहीं व्यापारी मनमोहन अग्रवाल ने कहा कि पहले बाजार का माहौल अच्छा था और किसानों को बेहतर दाम मिल रहे थे, लेकिन समझौते की आहट से बाजार अचानक कमजोर पड़ गया।
गेहूं के दाम भी फिसले
गेहूं के भाव में भी नरमी का रुख बना हुआ है। लगभग पंद्रह दिन पहले तक मिल क्वालिटी गेहूं 2600 से 2700 रुपए प्रति क्विंटल और अच्छी क्वालिटी का गेहूं 2900 से 3000 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा था।
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अब मिल क्वालिटी गेहूं 2500 से 2700 रुपए और अच्छी क्वालिटी का गेहूं 2400 से 2500 रुपए प्रति क्विंटल रह गया है।
अगले सप्ताह से नए गेहूं की आवक शुरू होने वाली है, जिससे बाजार में तेजी की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
आयात-निर्यात की आशंका से व्यापारी सतर्क
अनाज व्यापारी आशीष माहेश्वरी का कहना है कि ट्रेड डील की संभावना से व्यापारी सतर्क हो गए हैं। आयात-निर्यात में संभावित रियायतों की चर्चा से सस्ते आयात का डर बना हुआ है, जिससे स्थानीय बाजार प्रभावित हो रहा है।
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हालांकि व्यापारी मनोज साहू का मानना है कि गिरावट का कारण केवल ट्रेड डील नहीं, बल्कि बाजार की सामान्य उठापटक भी हो सकती है।
किसानों की चिंता बढ़ी
सोजन गांव के किसान राजकुमार दांगी ने बताया कि चने का भाव 5100 से 5200 रुपए चल रहा है, लेकिन बाजार में मजबूती नहीं है।
गेहूं लेकर आए किसान कमर साहब ने कहा कि मौजूदा दाम उम्मीद से कम हैं और किसान बेहतर भाव की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कृषि कारोबारियों का मानना है कि यदि ट्रेड समझौता आगे बढ़ता है, तो निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है और सस्ते आयात के कारण स्थानीय उत्पादों पर दबाव बना रह सकता है। नए गेहूं की आवक के साथ बाजार और दबाव में आ सकता है।
फिलहाल मंडियों में सुस्ती का माहौल है और किसान बाजार की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं।