हाइलाइट्स
- 2 मार्च से निजी बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
- नई परिवहन नीति और परमिट प्रक्रिया का विरोध
- रोजाना 1.5 लाख यात्रियों के प्रभावित होने की आशंका
- 28,000 बसों के संचालन पर पड़ सकता है असर
- होली से पहले बढ़ सकती हैं यात्रियों की मुश्किलें
Madhya Pradesh Bus Strike : भोपाल। मध्य प्रदेश में नई परिवहन नीति के विरोध में निजी बस संचालकों ने 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
यह हड़ताल होली के त्योहार से ठीक पहले शुरू होने जा रही है, जिससे प्रदेशभर में यात्रियों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
Kinnar Akhara Multai : मुलताई में किन्नर अखाड़ा का ‘घर वापसी’ कार्यक्रम आज…
नई परिवहन नीति को लेकर विरोध
बस एसोसिएशन का कहना है कि सरकार की नई परिवहन नीति में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिनसे निजी बस संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक और प्रशासनिक दबाव पड़ेगा।
ऑपरेटरों ने परमिट प्रक्रिया और रूट आवंटन प्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है।
उनका आरोप है कि रूट आवंटन और परमिट रिन्यूअल की प्रक्रिया को पहले से अधिक जटिल और महंगा बना दिया गया है।
MP Electricity Expensive : 1 अप्रैल से महंगी हो सकती है बिजली, 10% टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव
डीजल महंगा, किराया संशोधन में लचीलापन नहीं
बस संचालकों का कहना है कि डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद किराए में संशोधन के लिए कोई लचीला प्रावधान नहीं है।
इससे संचालन लागत बढ़ रही है, जबकि आय सीमित हो रही है।
इसके अलावा, परमिट नियमों के उल्लंघन पर भारी आर्थिक दंड और परमिट निरस्त करने के सख्त प्रावधानों का भी विरोध किया जा रहा है।
28 हजार बसों पर पड़ सकता है असर
प्रदेश में वर्तमान में करीब 28,000 बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें ऑल इंडिया परमिट और स्टेज कैरिज बसें शामिल हैं। यदि हड़ताल लागू होती है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
रोजाना सफर करने वाले लगभग 1.5 लाख यात्रियों का आवागमन प्रभावित हो सकता है।
Harda Farmers Protest : हरदा में गेहूं के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर 27 फरवरी को आंदोलन…
होली से पहले बढ़ेंगी यात्रियों की मुश्किलें
होली के त्योहार के चलते ट्रेनों में पहले से ही लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में बस सेवाएं बंद होने से यात्रियों को वैकल्पिक साधन तलाशने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
यह हड़ताल ड्राइवरों, कंडक्टरों, मैकेनिकों और बुकिंग एजेंटों समेत हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर भी असर डाल सकती है।
Vidisha Illegal Hunting : विदिशा के जंगल में अवैध शिकार का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार
कई जिलों में सौंपे जा रहे ज्ञापन
बस संचालकों ने भोपाल-इंदौर और ग्वालियर सहित कई जिलों में आरटीओ कार्यालयों को ज्ञापन सौंपना शुरू कर दिया है।
फिलहाल परिवहन विभाग की ओर से इस चेतावनी पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच बातचीत नहीं होती, तो 2 मार्च से प्रदेश में यातायात व्यवस्था पर बड़ा असर देखने को मिल सकता है।