हाइलाइट्स
- अमृत 2 योजना के तहत अजनाल नदी का कायाकल्प शुरू।
- 2 करोड़ रुपये की लागत से गहरीकरण और पिचिंग कार्य।
- दोनों किनारों पर एक-एक किलोमीटर पौधरोपण।
- 750 और 950 मीटर ग्रेवल वॉल निर्माण।
Harda News : हरदा। शहर की जीवन रेखा मानी जाने वाली अजनाल नदी का कायाकल्प कार्य अमृत 2 योजना के तहत शुरू हो गया है। गुप्तेश्वर मंदिर के पास चल रहे इस प्रोजेक्ट पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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इस योजना के तहत नदी का गहरीकरण, सौंदर्यीकरण और कटाव रोकने के लिए पिचिंग का काम किया जा रहा है। नगर पालिका का कहना है कि इस कार्य से बारिश के दौरान निचली बस्तियों में आने वाली बाढ़ की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।
दोनों किनारों पर पौधरोपण और सुरक्षा कार्य
परियोजना के अंतर्गत नदी के दोनों किनारों पर एक-एक किलोमीटर तक पौधरोपण किया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा, बल्कि नदी किनारों की सुंदरता भी बढ़ेगी।
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नदी के कटाव को रोकने के लिए दोनों किनारों पर ग्रेवल वॉल (पत्थर की दीवार) का निर्माण किया जा रहा है।
750 और 950 मीटर तक बनेगी ग्रेवल वॉल
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी कमलेश पाटीदार ने बताया कि गुप्तेश्वर मंदिर के बाईं ओर अजनाल नदी के एक किनारे पर 750 मीटर और दूसरे किनारे पर 950 मीटर लंबी ग्रेवल वॉल बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आगामी बारिश से पहले इसका लाभ लोगों को मिल सके।
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नदी के गहरीकरण और किनारों को मजबूत करने से इमलीपुरा, मानपुरा, जतरापड़ाव और खेड़ीपुरा जैसे निचले इलाकों को बारिश के मौसम में बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद है।
यह परियोजना शहर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि हर वर्ष बरसात में नदी उफान पर आने से आसपास की बस्तियों में जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती थी।
नगर पालिका का दावा है कि काम पूरा होने के बाद न केवल बाढ़ की समस्या कम होगी, बल्कि नदी क्षेत्र का स्वरूप भी बेहतर और आकर्षक बनेगा।