- खिलचीपुर छात्रावास में बच्चों को भरपेट भोजन न मिलने की शिकायत
- पोहे में कीड़े निकलने पर जांच टीम ने बदली सामग्री
- सहायक संचालक ने मौके पर पहुंचकर बच्चों से की चर्चा
- रसोइया और चौकीदार को हटाने के निर्देश
Rajgarh news : राजगढ़। खिलचीपुर स्थित शासकीय बालक प्री-मैट्रिक विमुक्त जाति छात्रावास में अव्यवस्थाओं और बच्चों को भरपेट भोजन न मिलने की शिकायत के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। राजगढ़ कलेक्टर के निर्देश पर सहायक संचालक अर्जुन कुमार मालवीय सोमवार सुबह करीब 11 बजे छात्रावास पहुंचे और जांच की।
प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर संबंधित रसोइया और चौकीदार को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं छात्रावास अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बच्चों ने सुनाई परेशानी
जांच के दौरान बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता और मात्रा को लेकर गंभीर शिकायतें कीं। उनका कहना था कि कई बार अधूरा या कम खाना दिया जाता है। कुछ बच्चों ने पोहे में कीड़े निकलने की भी शिकायत की।
सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि छात्रावास की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठे। बच्चों ने बताया कि नए बिस्तर उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें पुराने और फटे गद्दों पर सुलाया जा रहा है।
छत से पानी टपकने की समस्या भी बनी हुई है। छात्रावास में टीवी होने के बावजूद उसे चालू नहीं किया जाता। परीक्षा के समय इन समस्याओं ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
अधीक्षक ने दी सफाई
छात्रावास अधीक्षक रामप्रसाद वर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि निरीक्षण के बाद सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि भोजन की बर्बादी रोकने के लिए मात्रा निर्धारित की गई थी। यदि कहीं कमी रही है तो उसे स्वीकार करते हुए सुधार का आश्वासन दिया गया।
कीड़े वाला पोहा बदलवाया, नया भोजन कराया
बच्चों की शिकायत पर सहायक संचालक ने तत्काल पोहे की सामग्री बदलवाई और नया नाश्ता तैयार कराया। दोपहर में बच्चों को पूरी-सब्जी का भरपेट भोजन कराया गया।
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साथ ही छात्रावास में भोजन का मैन्यू बोर्ड प्रदर्शित करने और भवन की मरम्मत के लिए मकान मालिक को निर्देश दिए गए हैं।
व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने छात्रावास प्रबंधन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परीक्षा के समय बच्चों को बेहतर पोषण और सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन की सख्ती से छात्रावास में स्थायी सुधार होता है या नहीं।