हाइलाइट्स
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एमपी में 1.66 लाख किसान पीएम किसान योजना से बाहर
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प्रति किश्त ₹93.77 करोड़ की फंड में कमी
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83.48 लाख से घटकर 81.81 लाख हुए लाभार्थी
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74 हजार किसानों की किश्त ई-केवाईसी के कारण रुकी
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योजना को लेकर सरकार और विपक्ष में सियासी बयानबाजी तेज
MP Farmer News : मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की संख्या में कमी नज़र आई है। संसद में पेश आंकड़ों के हिसाबसे, पिछले तीन सालो में राज्य के 1.66 लाख से ज्यादा किसान योजना की सूची से बाहर हो गए हैं।
इससे राज्य को मिलने वाली प्रति किश्त राशि में भी करीब ₹93.77 करोड़ की कमी दर्ज की गई है।
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क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना?
साल 2019 में केंद्र सरकार ने किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत किसानों को सालाना ₹6,000 तीन किश्तों में दिए जाते हैं।

मध्य प्रदेश में राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त ₹6,000 जोड़ने के बाद किसानों को कुल ₹12,000 सालाना मिलते रहे हैं।
लाभार्थियों की संख्या में गिरावट
राज्यसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार:
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नवंबर 2022 (11वीं किश्त): 83,48,005 लाभार्थी
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दिसंबर 2025 (19वीं किश्त): 81,81,751 लाभार्थी
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कुल कमी: 1,66,254 किसान
यानी तीन वर्षों में लाभार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
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ई-केवाईसी बनी बड़ी वजह
आंकड़ों के मुताबिक 74,271 किसानों की किश्तें ई-केवाईसी अधूरी होने के कारण रुकी हुई हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर इन किसानों को दोबारा लाभ मिल सकता है।
बजट में कमी
लाभार्थियों की संख्या घटने का असर फंड पर भी पड़ा है।
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2022 में प्रति किश्त राशि: ₹1,730.12 करोड़
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2025 में प्रति किश्त राशि: ₹1,636.35 करोड़
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प्रति किश्त कमी: लगभग ₹93.77 करोड़
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सियासी बयानबाजी
कांग्रेस विधायक सुजीत सिंह चौधरी ने आरोप लगाया कि धीरे-धीरे किसानों को योजना से बाहर किया जा रहा है। उनका कहना है कि अब तक 1.66 लाख किसान बाहर हो चुके हैं।
वहीं, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि योजना से किसी को जानबूझकर बाहर नहीं किया गया है।
लाभार्थियों की संख्या में कमी, ई-केवाईसी की बाध्यता और फंड में कटौती को लेकर प्रदेश में चर्चा तेज हो गई है। अब नजर इस बात पर है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद कितने किसानों का लाभ फिर से शुरू होता है।