हाइलाइट्स
- कलेक्टर ने कहा- SIR में फर्जी नाम कटवाने के आवेदन आ रहे।
- ब्लॉक लेवल ऑफिसर सभी आवेदनों की जांच कर रहे।
- कांग्रेस ने फर्जी दावे-आपत्ति पर सवाल उठाए थे, कलेक्टर ने सफाई दी।
MP SIR : भोपाल, मध्य प्रदेश। भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू (SIR) की प्रक्रिया को लेकर कुछ लोग चिंतित हैं। जिला रिटर्निंग अधिकारी और कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने आज स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दूसरों का नाम कटवाने के लिए फर्जी आवेदन कर रहे हैं।
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ब्लॉक स्तर पर जांच
कलेक्टर ने बताया कि ऐसे सभी आवेदनों की जांच ब्लॉक लेवल ऑफिसर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को बिल्कुल चिंता करने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया नियमों और कानून के अनुसार चल रही है। कोई भी गलत नाम बिना सही जांच के नहीं कटेगा।
राजनीतिक दलों की शिकायतें
कलेक्टर ने स्वीकार किया कि कुछ राजनीतिक दलों की तरफ से भी शिकायतें मिली हैं। कांग्रेस ने फर्जी नाम से दावे-आपत्ति लगाने पर सवाल उठाए थे। कलेक्टर ने कहा कि ऐसी हर शिकायत पर गंभीरता से जांच हो रही है। कोई भी गलत काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर का आश्वासन
कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि SIR का मकसद वोटर लिस्ट को सही और शुद्ध करना है। इसमें कोई पक्षपात नहीं हो रहा है। सभी दावे और आपत्तियों की जांच पूरी निष्पक्षता से हो रही है। अगर कोई गलत नाम कटवाने की कोशिश कर रहा है तो उसकी भी पोल खुल जाएगी।
कांग्रेस की आपत्ति
कांग्रेस ने पहले भी SIR प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए थे। पार्टी का कहना है कि कुछ जगहों पर फर्जी नाम से आपत्ति लगाई जा रही है। कलेक्टर ने कहा कि ऐसी शिकायतें मिलने पर तुरंत कार्रवाई हो रही है।
क्या है SIR प्रक्रिया
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिव्यू। इस प्रक्रिया में वोटर लिस्ट की गहन जांच होती है। गलत नाम हटाए जाते हैं और नए नाम जोड़े जाते हैं। यह चुनाव आयोग का महत्वपूर्ण कदम है ताकि वोटर लिस्ट सही रहे।
कलेक्टर ने अपील की है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर किसी के नाम से गलत आपत्ति लगी है तो वह ब्लॉक कार्यालय में जाकर सही दस्तावेज दिखाकर अपना नाम सुरक्षित करा सकता है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है।