Phool Singh Baraiya Statement : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया के एक बयान ने तूफान मचा दिया है। भोपाल में दिए गए इस बयान को महिला विरोधी और बेहद आपत्तिजनक माना जा रहा है। बरैया ने कहा कि अगर कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए तो दिमाग हिल सकता है और रेप जैसी घटना हो सकती है।
साथ ही उन्होंने कुछ पुराने ग्रंथों का हवाला देकर दावा किया कि अनुसूचित जाति की महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध को पुण्य का काम बताया गया है। जब उनसे इस दावे का स्रोत पूछा गया तो उन्होंने ‘रुद्रयामल तंत्र’ नामक किताब का जिक्र किया।
क्या बोले कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया
फूल सिंह बरैया ने यह भी जोड़ा कि रेप जैसा अपराध कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता, बल्कि चार-पांच लोग मिलकर ऐसा करते हैं। उनके इस बयान से ऐसा लगता है जैसे वे अपराध को हल्का करके पेश कर रहे हों।
जैसे ही यह बयान सोशल मीडिया पर फैला, लोगों में गुस्सा भड़क उठा। महिलाओं के अधिकारों पर काम करने वाले संगठन और आम लोग इसे विकृत मानसिकता बता रहे हैं।
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क्या बोले पीसीसी चीफ जीतू पटवारी
कांग्रेस पार्टी ने भी अपने विधायक के बयान से दूरी बनाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने साफ कहा कि रेप किसी भी सूरत में अपराध है और इसे जाति या धर्म से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी इसे अनुचित बताते हुए निंदा की। वहीं, भाजपा ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया है।
ये अपराधिक सोच का प्रदर्शन
भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि यह बयान जुबान की फिसलन नहीं, बल्कि बीमार और अपराधिक सोच का प्रदर्शन है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या यही उनकी असली सोच है। राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने बयान को शर्मनाक बताते हुए विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
बता दें कि, यह फूल सिंह बरैया का पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी वे चुनाव प्रक्रिया, सरकारी अधिकारियों और इतिहास से जुड़े मुद्दों पर विवादित बयान दे चुके हैं।
भाजपा ने कांग्रेस से मांग की है कि या तो विधायक सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और उन पर कार्रवाई हो, या फिर कांग्रेस अपनी चुप्पी तोड़े। अब सबकी नजर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी है कि वे क्या कदम उठाते हैं।
बरैया के विवादित बयान
14 जनवरी 2026 : दलित एजेंडा कार्यक्रम में बोले, संयुक्त चुनाव प्रणाली से एससी-एसटी विधायक कुत्ते जैसी हालत में हैं, आदिवासियों को हिंदू न बनने दें।
5 अक्टूबर 2024: प्रशासनिक अधिकारियों को धमकी दी, कहा- मशीनों का दुरुपयोग या बोट लूटने पर हाथतोड़ देंगे, आंख फोड़ देंगे।
2 अक्टूबर 2020 : वक्त है, नहीं जागे अनुसूचित जाति के लोग तो सवर्ण देश को हिंदू राष्ट्र बना देंगे। यह भी कहा था- इांसी की रानी लक्ष्मीबाई शहीद नहीं हुई, ग्वालियर आकर आत्महत्या की।