Anamika Baiga : सीधी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीधी जिले की एक गरीब आदिवासी बेटी अनामिका बैगा की गुहार सुनी है। अनामिका NEET की तैयारी कर रही है और डॉक्टर बनना चाहती है, लेकिन आर्थिक तंगी उसके सपनों के रास्ते में रोड़ा बन रही है। शुक्रवार को सिहावल विधानसभा के बहरी में जनसभा के दौरान अनामिका मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची थी, लेकिन उसे मिलने नहीं दिया गया। इस बात से आहत होकर उसने अपनी पीड़ा सार्वजनिक रूप से जाहिर की।
Electricity Cut off : सीहोर और आष्टा के इन गांवों की काटी बिजली, बकायादार गांवों के ट्रांसफार्मर बंद
सीएम मोहन यादव ने की बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का संज्ञान लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कल सीधी प्रवास के दौरान बिटिया सुश्री अनामिका बैगा ने पढ़ाई में मदद का अनुरोध किया था।
जानकारी मिलने पर पता चला कि अनामिका NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग तथा छात्रावास के लिए सहायता चाहती है। अभी तक उसने NEET परीक्षा नहीं दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिटिया के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने पर राज्य सरकार हर संभव सहायता करेगी। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि एक दिन अनामिका एक विख्यात चिकित्सक बनकर मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
कल सीधी प्रवास के दौरान बिटिया सुश्री अनामिका बैगा ने पढ़ाई में मदद हेतु अनुरोध किया था। जानकारी प्राप्त करने पर यह संज्ञान में आया कि अनामिका अभी NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग की पढ़ाई तथा छात्रावास के लिए मदद चाहती है। अभी तक उसने NEET की परीक्षा दी नहीं है।
यह संज्ञान…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 10, 2026
अनामिका का डॉक्टर बनने का सपना
अनामिका बैगा सीधी जिले के मझौली विकासखंड के ग्राम डेवा की रहने वाली है। वह बैगा जनजाति से ताल्लुक रखती है, जो परंपरागत रूप से जड़ी-बूटियों से इलाज करने वाले वैद्यों के लिए जानी जाती है। अनामिका इसी समुदाय की बेटी है, जो आधुनिक चिकित्सा पद्धति में डॉक्टर बनना चाहती है।
Bhopal Power Cut Today : भोपाल के इन इलाकों में आज बिजली कटौती, 2 से 7 घंटे तक कट ऑफ
घर पर रहकर वह NEET की तैयारी कर रही है। उसके पिता राजकुमार बैगा मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मेडिकल की पढ़ाई का भारी खर्च उनके लिए संभव नहीं है।
सीएम की जनसभा में पहुंची थी मिलने
अनामिका ने बताया कि वह बैगा प्रोजेक्ट समेत कई सरकारी योजनाओं में आदिवासी बच्चों को शिक्षा सहायता का दावा पढ़ती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस मदद नहीं मिली।
वह विधायक, सांसद और कलेक्टर के पास आवेदन कर चुकी है, लेकिन हर जगह सिर्फ आश्वासन मिले। शुक्रवार को मुख्यमंत्री की जनसभा में वह मिलने पहुंची, लेकिन मिलने नहीं दिया गया। इससे आहत होकर उसने अपनी पीड़ा जाहिर की।
“मैं बैगा आदिवासी हू, मुझे डॉक्टर बनना है। पर मेरे पापा के पास इतना पैसा नहीं है कि मुझे पढ़ा पाए…,”
रोते हुए यह फरियाद लेकर सीधी ज़िले कि अनामिका बैगा आज मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम में पहुँची। वह सीधी में सैकड़ो करोड़ की परियोजनाओ का… pic.twitter.com/QhDslmc44E
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) January 9, 2026
अनामिका की कोचिंग और छात्रावास की व्यवस्था करेगी सरकार
प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी कहा कि सरकार सभी को पढ़ाई में सहयोग करेगी और जो भी संभव होगा, मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अनामिका की कोचिंग और छात्रावास की व्यवस्था जल्द की जाएगी। अनामिका का सपना अब पूरा होने की उम्मीद जग गई है। उसकी कहानी प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।