हाइलाइट्स
- यासीन अहमद उर्फ मछली को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ा झटका।
- यासीन मछली गाड़ी में फर्जी विधानसभा का पार्किंग पास लगाकर घूमता।
- मामला सीधे विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा है।
Yasin Machhli Bail Rejected : भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा की सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। फर्जी विधानसभा पार्किंग पास बनाकर इस्तेमाल करने वाले यासीन अहमद उर्फ ‘मछली’ की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला सीधे विधानसभा की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।
जांच में खुली परतें
यह पूरा मामला भोपाल के अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध क्रमांक 131/2025 से संबंधित है। 25 जुलाई 2025 को मिली शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
जांच में पता चला कि दिसंबर 2024 के विधानसभा सत्र के लिए पत्रकार गौरव शर्मा के नाम से जारी पार्किंग पास क्रमांक 433 को यासीन अहमद उर्फ मछली ने छेड़छाड़ करके अपनी निजी कार (एमपी 04 जेड एल 0999) में लगा लिया था। यह पास मूल रूप से किसी अन्य वाहन के लिए वैध था। आरोपी इसे फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर रहा था।
लगाया फर्जी पत्रकार पार्किंग पास
पुलिस ने जब इसकी जानकारी ली तो यासीन को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपनी कार में विधानसभा का फर्जी पत्रकार पार्किंग पास लगाकर घूमने की कोशिश की थी।
गिरफ्तारी के बाद यासीन ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने इसे ठुकरा दिया। हाईकोर्ट ने आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसे मामलों में जमानत देना उचित नहीं होगा।