हाइलाइट्स
- हरदा में यूरिया किल्लत जारी।
- ठंड में अलाव जलाकर किसान रात गुजार रहे।
- डीएमओ-एमपी एग्रो पर लंबी लाइनें।
Harda Urea Shortage : हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में यूरिया की कमी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कड़ाके की ठंड में किसान रात भर खुले आसमान के नीचे अलाव जलाकर लाइनों में खड़े रहे। डीएमओ और एमपी एग्रो गोदामों के बाहर सुबह से लंबी कतारें लगी हैं।
किसान अपनी फसल बचाने के लिए यूरिया की मांग कर रहे हैं, लेकिन हाथ खाली रह जा रहे हैं। जिले में डिमांड के मुकाबले 80% यूरिया सप्लाई हो चुकी है, फिर भी कमी क्यों? बड़ा सवाल उठ रहा है कि बाकी यूरिया कहां गई? किसान परेशान हैं और ठंड में रात गुजारने को मजबूर हैं।
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ठंड में अलाव के सहारे रात
कड़कड़ाती ठंड में जहां लोग घरों में रजाई ओढ़कर सो रहे हैं, वहीं किसान गोदामों के बाहर अलाव जलाकर रात काट रहे हैं। लाइन में खड़े किसानों का कहना है कि फसल को यूरिया नहीं मिला तो पूरा नुकसान हो जाएगा। रात से लाइन लगाई, लेकिन यूरिया नहीं मिला। कई किसान बीमार हो रहे हैं, लेकिन फसल की चिंता मजबूर कर रही है।
सप्लाई हुई फिर भी कमी क्यों
जिले में यूरिया की डिमांड के मुकाबले 80% सप्लाई हो चुकी है। फिर भी किसानों के हाथ खाली हैं। किसान आरोप लगा रहे हैं कि यूरिया कहीं और जा रही है या ब्लैक में बिक रही है। प्रशासन का कहना है कि सप्लाई जारी है, लेकिन वितरण में दिक्कत है। गोदामों पर भीड़ ज्यादा होने से देरी हो रही है।
किसानों की परेशानी
रबी फसल के लिए यूरिया जरूरी है। देरी से फसल प्रभावित हो रही है। ठंड में रात भर इंतजार करना स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है। किसान मांग कर रहे हैं कि तुरंत सप्लाई बढ़ाई जाए और पारदर्शी वितरण हो।
क्या कर रहा प्रशासन
प्रशासन ने अतिरिक्त सप्लाई का आश्वासन दिया है। लेकिन किसान कह रहे हैं कि ग्राउंड पर कुछ नहीं हो रहा। यह किल्लत पूरे प्रदेश में कई जिलों में देखी जा रही है।
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सरकार से अपील है कि किसानों की समस्या जल्द हल करें। यह स्थिति किसानों की मेहनत पर सवाल उठा रही है। ठंड में रात गुजारना और यूरिया न मिलना दोहरी मार है। उम्मीद है जल्द राहत मिलेगी।