MP Cold Weather : भोपाल। मध्यप्रदेश में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। राज्य के 25 से अधिक शहरों और कस्बों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 5.9 डिग्री तक गिर गया। भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
सबसे कम तापमान शहडोल जिले के कल्याणपुर में 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रहा। राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री तापमान रहा। रीवा में 7 डिग्री, रायसेन और नौगांव में 7.6 डिग्री, मलाजखंड में 7.9 डिग्री, मंडला और शिवपुरी में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री सेल्सियस रहा। दमोह, सतना, टीकमगढ़ और खजुराहो में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यह ठंडी हवाएं उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण हैं। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से मैदानी क्षेत्रों में सर्दी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, हालांकि अभी शीतलहर का कोई अलर्ट नहीं है। दिन में धूप निकलने से कुछ राहत मिल रही है, लेकिन रातें और सुबहें काफी ठंडी हो रही हैं।
इस ठंड से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग गर्म कपड़े, अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं। सड़कों पर सुबह-शाम कोहरा छाने से वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है।
किसानों के लिए भी यह ठंड चिंता का विषय है, क्योंकि रबी फसलों पर पाला पड़ने का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि फसलों को बचाने के लिए सिंचाई और अन्य उपाय करें।
मध्यप्रदेश में दिसंबर-जनवरी ठंड के पीक महीने होते हैं। इस बार ला नीना प्रभाव और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण ठंड पहले से ही ज्यादा पड़ रही है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, बुजुर्ग और बच्चे विशेष सावधानी बरतें। ठंड जनित बीमारियों से बचने के लिए डॉक्टरों की सलाह लें।