MP Child Marriage : मध्य प्रदेश। राजगढ़ जिले में बाल विवाह की कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने कमर कस ली है। जिले की ग्राम पंचायत दंड और भवानीपुरा में शुक्रवार को बड़ी जागरूकता चौपाल लगाई गई। इसमें सैकड़ों ग्रामीणों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सरपंचों और बच्चों ने हिस्सा लिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्याम बाबू खरे के निर्देश पर चल रहे इस अभियान में अब तक खिलचीपुर परियोजना की 36 ग्राम पंचायतों के करीब 70 गांवों में कार्यक्रम हो चुके हैं।
सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि समय रहते सूचना मिलने पर 6 बाल विवाह सफलतापूर्वक रोक दिए गए। परियोजना अधिकारी संतोष चौहान ने बताया कि ये छहों मामले ऐसे थे जहां लड़की की उम्र 18 साल से कम थी। लोगों ने फोन किया और टीम ने तुरंत पहुंचकर शादी रुकवा दी।
चौपाल में लोगों को समझाया गया कि बाल विवाह से लड़कियों की पढ़ाई छूट जाती है, सेहत खराब होती है और गरीबी बढ़ती है। नोडल अधिकारी रश्मि चौहान ने कहा, “हर बच्चे को अपने सपने पूरे करने का हक है। इसके लिए हमें मिलकर बाल विवाह रोकना होगा।” उन्होंने समाज से अपील की कि अगर कहीं बाल विवाह की तैयारी दिखे तो तुरंत सूचना दें।
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लोगों को बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के की शादी कराना गैर-कानूनी है और इसके लिए जेल भी हो सकती है। शिकायत करने के लिए तीन नंबर दिए गए –
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
महिला हेल्पलाइन: 181
जिला बाल विवाह कंट्रोल रूम: 07372-254360
कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि वे न तो खुद बाल विवाह करेंगे और न करने देंगे। इसके बाद बच्चों और महिलाओं ने रैली निकाली और पूरे गांव में नारे लगाते हुए घूमे – “बेटी बचाओ, बाल विवाह भगाओ”, “पढ़ेगी बेटी तो बढ़ेगा देश”।
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अभियान में 24 घंटे सक्रिय निगरानी दल काम कर रहा है। कोई भी व्यक्ति गुप्त रूप से सूचना दे सकता है, टीम तुरंत कार्रवाई करती है। विभाग का लक्ष्य है कि राजगढ़ जिले को पूरी तरह बाल विवाह मुक्त बनाया जाए।