MP Fraud Case : नर्मदापुरम। शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों से लाखों-करोड़ों रुपए ठगने वाली मां और उसके नाबालिग बेटे को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों पिछले सात महीने से भोपाल के कोलार इलाके में किराए का मकान लेकर टिफिन सेंटर चला रहे थे और अपनी असली पहचान छिपाकर आम जिंदगी जी रहे थे।
मामला 17 मई 2025 का है। मालाखेड़ी के मंगलमय परिसर में रहने वाले मोहित सिंह राजपूत ने कोतवाली थाने में शिकायत की थी कि आरसीसी मॉल में “प्रॉफिट बुल” नाम से शेयर मार्केट कंपनी चलाने वाली कसीदा बानो और उसका नाबालिग बेटा उन्हें 15 प्रतिशत हर महीने मुनाफा देने का लालच दे रहे थे। मोहित ने भरोसा करके कुल 32 लाख 37 हजार रुपए निवेश कर दिए।
शुरुआत में आरोपियों ने कुछ महीने तक मुनाफा भी दिया, ताकि भरोसा और मजबूत हो जाए। लेकिन इसके बाद अचानक सारे पैसे लेकर दोनों फरार हो गए। मोहित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और तलाश शुरू की।
पुलिस को कई महीनों तक कोई सुराग नहीं मिला। फिर मुखबिरों से पता चला कि दोनों भोपाल के कोलार क्षेत्र में फर्जी नाम से रह रहे हैं और टिफिन सेंटर चलाते हैं। टीम ने रात में मौके पर पहुंचकर पूरी जानकारी जुटाई और छापा मारकर मां-बेटे को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद महिला को सेंट्रल जेल और नाबालिग बेटे को बाल सुधार गृह भेज दिया गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अब तक जो लोग नकद राशि देकर चुप थे, वे भी थाने पहुंचने लगे हैं।
बुधवार शाम तक कई और पीड़ितों ने आवेदन देकर बताया कि उन्होंने भी लाखों रुपए इन्वेस्ट किए थे। पुलिस का मानना है कि ठगी की राशि करोड़ों में हो सकती है।
पुलिस की यह कार्रवाई एसडीओपी जितेन्द्र कुमार पाठक के नेतृत्व में हुई। टीम में थाना प्रभारी कंचन ठाकुर, एसआई अनुज बघेल, प्रधान आरक्षक रितेश यदुवंशी, पंकज यादव, रवि कुशवाह, प्रतीक्षा रघुवंशी और हरीश डिगरसे ने अहम भूमिका निभाई।