Narmadapuram News : नर्मदापुरम। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम केंद्रीय जेल में हत्या के जुर्म में उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी की भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। कैदी की मौत 27 अक्टूबर 2025 की रात हुई थी, लेकिन जेल प्रशासन को इसकी सूचना अगली सुबह मिली।
अब पूरे 18 दिन बाद भोपाल से मर्ग डायरी आने पर नर्मदापुरम कोतवाली पुलिस ने 14 नवंबर की रात को मर्ग दर्ज किया है। फिलहाल भोपाल में इस मौत की न्यायिक मजिस्ट्रेट जांच चल रही है।
जेल अधीक्षक संतोष सिंह सोलंकी ने बताया कि मृत कैदी का नाम चंद्रभान सिंह था। वह हत्या के एक पुराने मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा था। सितंबर 2025 में उसे उत्तर प्रदेश की बरेली जेल से ट्रांसफर करके नर्मदापुरम केंद्रीय जेल लाया गया था। जेल आने के कुछ ही दिनों बाद से उसकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी।
दो बार हमीदिया अस्पताल में भर्ती हुआ कैदी
अधीक्षक सोलंकी के मुताबिक, चु चंद्रभान सिंह को पहले भी बीमारी के चलते भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाल ही में उसकी हालत फिर बिगड़ी तो पहले नर्मदापुरम जिला अस्पताल में दिखाया गया।
वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे तुरंत हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया। 27 अक्टूबर की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जेल प्रशासन को इसकी आधिकारिक सूचना 28 अक्टूबर की सुबह मिली।
मौत की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने नियमानुसार भोपाल पुलिस को अवगत कराया। भोपाल में कैदी की मौत होने की वजह से वहां के मजिस्ट्रेट ने न्यायिक जांच शुरू की है।
जांच पूरी होने के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज भोपाल से नर्मदापुरम भेजे गए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कोतवाली पुलिस ने 14 नवंबर की रात मर्ग दर्ज कर लिया।
जांच में देरी क्यों हुई?
जेल अधिकारियों का कहना है कि कैदी की मौत भोपाल में हुई थी, इसलिए प्राथमिक जांच और मर्ग भोपाल पुलिस के पास था। न्यायिक जांच पूरी होने और सभी कागजात आने में समय लगा।
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जैसे ही भोपाल से मर्ग डायरी और अन्य दस्तावेज पहुंचे, उसी रात नर्मदापुरम कोतवाली में मर्ग दर्ज कर लिया गया। फिलहाल मौत के कारणों की पूरी जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चल सकेगी, जो अभी जांच का हिस्सा है।
जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कैदी को समय पर इलाज मुहैया कराया गया था। पहले भी उसे बेहतर चिकित्सा के लिए भोपाल रेफर किया गया था। मौत प्राकृतिक कारणों से हुई प्रतीत हो रही है, लेकिन न्यायिक जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।