IIT Student Death Protest : नर्मदापुरम। छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित आईआईटी भिलाई कैंपस में एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के रहने वाले 18 वर्षीय छात्र सौमिल साहू की 11 नवंबर 2025 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सौमिल ने इसी साल जुलाई में आईआईटी भिलाई में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की बीटेक पहली साल की पढ़ाई शुरू की थी। वह शांति नगर स्थित हॉस्टल में रहता था और पढ़ाई में काफी होशियार माना जाता था।
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घटना की शुरुआत 10 नवंबर को हुई जब सौमिल को अचानक बुखार और शरीर में दर्द हुआ। हॉस्टल में मौजूद स्टाफ ने उसे सामान्य दवा दी। अगले दिन सुबह करीब 10:30 बजे उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
साथी छात्रों ने उसे फौरन सुपेला के स्पर्श अस्पताल पहुंचाया, जहां आईसीयू में ले जाते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स में मिर्गी के दौरे को मौत का कारण बताया गया, लेकिन परिवार वाले इसे पूरी तरह नकार रहे हैं।
परिजनों ने आईआईटी प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का इल्जाम लगाया है। मृतक के जीजा कमलेश साहू ने कहा कि बिना किसी जांच के अंडरवेट बच्चे को ओवरडोज पेरासिटामॉल दे दी गई, जो घोर अनदेखी है। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन परिवार को बार-बार गुमराह कर रहा है और असल हकीकत छुपा रहा है।
पिता वीरेंद्र साहू ने बताया कि उनका बेटा बिलकुल स्वस्थ था और कभी कोई गंभीर बीमारी नहीं रही। वे छत्तीसगढ़ पुलिस से पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की गुहार लगा रहे हैं।
मौत की खबर फैलते ही कैंपस में आक्रोश भड़क उठा। 11 नवंबर की रात छात्रों ने प्रशासनिक भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। वे मेडिकल सुविधाओं की भारी कमी से नाराज थे। अगले दिन शाम को बड़ी तादाद में छात्र कैंडल मार्च निकालने निकले, लेकिन प्रबंधन ने उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया। मौके पर पांच थानों के टीआई सहित करीब 150 पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल खुद घटनास्थल पर पहुंचे। छात्रों का कहना था कि एक महीने पहले ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की खराब व्यवस्था की शिकायत की थी, मगर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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आईआईटी भिलाई प्रबंधन ने मौत को प्राकृतिक बताया और गहरा दुख जताया। उन्होंने किसी भी तरह की अनहोनी या विवाद से इनकार किया। उधर, शव का पोस्टमार्टम सुपेला अस्पताल में हुआ और रिपोर्ट का इंतजार है।
परिजन शव लेकर नर्मदापुरम लौट गए, जहां 13 नवंबर को अंतिम संस्कार किया गया। यह घटना ठीक संस्थान के दीक्षांत समारोह के एक दिन बाद हुई, जिससे माहौल और गमगीन हो गया।