MP News : रायसेन। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के विशेष ‘मुस्कान अभियान’ के तहत रायसेन जिले की पुलिस ने शानदार काम किया है। सिर्फ एक सप्ताह में ही 5 नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। ये बच्चियां घर से गायब हो गई थीं। अभियान 1 नवंबर 2025 से शुरू हुआ है और इसका मकसद लापता नाबालिगों को जल्द से जल्द परिवार से मिलाना है।
पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय के सख्त निर्देश पर रायसेन थाना कोतवाली ने अलग-अलग टीमें बनाईं। पांच से ज्यादा टीमें दिन-रात लगी रहीं। इन प्रयासों से बच्चियों को मध्यप्रदेश के सतना जिले, रायसेन के उदयपुरा (बोरास) क्षेत्र और महाराष्ट्र के पुणे शहर से बरामद किया गया। सभी को सकुशल उनके माता-पिता के हवाले कर दिया गया।
एक बच्ची की कहानी दिल दहला देने वाली है। वह अपने पिता की रोजाना की मारपीट और भूख से तंग आ चुकी थी। घर में उसे ठीक से खाना भी नहीं मिलता था। परेशान होकर वह अपने भाई के साथ सतना में अपनी सौतेली मां के पास चली गई। रायसेन पुलिस की टीम ने सतना पहुंचकर बच्ची और उसके भाई को ढूंढ निकाला। अब वह सुरक्षित अपने परिवार के पास है।
बाकी चार नाबालिग लड़कियां युवकों के संपर्क में आने की वजह से घर छोड़कर चली गई थीं। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया या दोस्ती के चक्कर में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। लेकिन टीमें की मेहनत से सभी को जल्दी ट्रेस कर लिया गया।
थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल ने कहा कि मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से यह संभव हुआ। पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में टीमें दूर-दराज के इलाकों तक पहुंचीं। यह अभियान पूरे प्रदेश में चल रहा है। रायसेन पुलिस की इस सफलता से अन्य जिलों को भी प्रेरणा मिल रही है।
एसपी पंकज पाण्डेय ने टीमों की तारीफ की और कहा कि नाबालिगों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। अभियान आगे भी जारी रहेगा। अगर कोई बच्चा गायब हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इससे कई परिवारों की खुशी लौटी है और बच्चियां सुरक्षित घर वापस आ गई हैं।
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पुलिस का कहना है कि अभियान से न सिर्फ लापता बच्चे मिल रहे हैं, बल्कि परिवारों में जागरूकता भी आ रही है। माता-पिता को बच्चों पर नजर रखने और मोबाइल के इस्तेमाल पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। रायसेन पुलिस की यह मुहिम सराहनीय है और पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन गई है।