Latest

Bhopal News : आज से पिलियन राइडर्स पर भी हेलमेट जरूरी, 18 चेकिंग पॉइंट्स पर सख्ती शुरू

Bhopal News Helmets mandatory for pillion riders starting today

Bhopal News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए यातायात पुलिस ने आज से एक बड़ा कदम उठाया है। अब दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाले यात्रियों को भी ड्राइवर की तरह हेलमेट पहनना अनिवार्य हो गया है। यह नियम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लागू किया गया है। भोपाल में यातायात पुलिस ने 18 प्रमुख चेकिंग पॉइंट्स पर टीमें तैनात कर दी हैं, जहां नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होगी।

MP News : विधायकों की सैलरी पर खर्च, गरीबों की पेंशन योजना ठंडे बस्ते में, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सिर्फ़ ₹ 600

यह नया नियम चार साल से अधिक उम्र के सभी व्यक्तियों पर लागू होगा। यानी छोटे बच्चे अगर चार साल से कम उम्र के हैं, तो उन पर यह बाध्यता नहीं होगी, लेकिन बाकी सभी को हेलमेट लगाना पड़ेगा। अतिरिक्त डीसीपी (यातायात) बसंत कौल ने बताया कि शहर के मुख्य चौराहों और व्यस्त मार्गों जैसे बोर्ड ऑफिस, न्यू मार्केट, एमपी नगर, हबीबगंज, बिट्टन मार्केट, टीटी नगर पर विशेष नजर रखी जा रही है। हर जोन में मोबाइल टीमें सड़कों पर घूम रही हैं।

अगर कोई उल्लंघन करता पकड़ा जाता है, तो जुर्माना लगेगा। ऑनलाइन पेमेंट न करने वालों को मौके पर ही पीओएस मशीन से चालान काटा जाएगा। अतिरिक्त डीसीपी (यातायात) बसंत कौल ने कहा, “यह कदम लोगों की जान बचाने के लिए उठाया गया है। दुर्भाग्य से, कई लोग अपनी और अपनों की सुरक्षा को हल्के में लेते हैं।”

MP Crime News : अंबाड़ा हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, शादीशुदा महिला को प्रेमिका ने दिया जहर, समाज के डर से उठाया खौफनाक कदम

पिछले दो हफ्तों से जागरूकता अभियान चलाया गया था। 23 अक्टूबर से शुरू यह अभियान बुधवार को परामर्श चरण के साथ समाप्त हुआ। इस दौरान पुलिस ने स्कूलों, बाजारों और चौराहों पर लोगों को हेलमेट के फायदे बताए। अतिरिक्त डीसीपी (यातायात) ने आगे बताया, “भोपाल में रोजाना छह से सात सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें ज्यादातर मामलों में सिर पर चोट लगने से लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं या जान गंवा बैठते हैं।

Sehore News : सीहोर में बायोमेट्रिक हाजिरी का बोझ, 10 किमी दूर दौड़ें कर्मचारी, नई ऐप से सिर्फ 20% उपस्थिति

हेलमेट पहनने से 40 प्रतिशत तक ऐसी मौतें रोकी जा सकती हैं। हमने जागरूकता पर जोर दिया, लेकिन अब सख्ती जरूरी है।” पीटीआरआई के अनुसार, राजस्थान के जयपुर और जोधपुर जैसे शहरों में 2011 से यह नियम लागू है, जहां लोगों ने अतिरिक्त हेलमेट साथ रखना आदत बना लिया है। मध्य प्रदेश में भी यही मॉडल अपनाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *