Record arrival of paddy at Mandi Raisen News : रायसेन। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की कृषि उपज मंडी में धान की आवक तेजी से बढ़ रही है। सोमवार को रिकॉर्ड स्तर पर 15,752 क्विंटल धान पहुंचा। रविवार की छुट्टी के बाद मंडी खुलते ही दशहरे मैदान वाली अस्थायी मंडी में ट्रॉलियां भर-भरकर धान आ गया। पूरा मैदान धान से लदी ट्रॉलियों से पट गया। लगभग 450 किसानों ने 500 से ज्यादा ट्रॉलियों में अपनी फसल लाई।
किसान रातोंरात पहुंचे मंडी। नीलामी से एक दिन पहले ही कई किसान रविवार रात को दशहरा मैदान पर ट्रॉलियां खड़ी कर लाए। सुबह होते ही नीलामी शुरू हो गई। व्यापारियों ने धान न्यूनतम 1,600 रुपये प्रति क्विंटल से खरीदा।
अधिकतम भाव 3,152 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा। लेकिन पूसा बासमती धान के दाम कम होने से किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि इस वैरायटी के भाव 4,000 से 5,000 रुपये प्रति क्विंटल होने चाहिए। वर्तमान दरें उनकी लागत भी नहीं निकाल पा रही।
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दूर-दराज से आ रहे किसान। बैरसिया, विदिशा, सीहोर और आसपास के जिलों से सैकड़ों किसान अपनी धान लेकर रायसेन मंडी पहुंचे। रायसेन को धान का कटोरा कहा जाता है। जिले में करीब 2 लाख हेक्टेयर में धान की खेती होती है। यहां की धान की मांग देश-विदेश में है। निजी कंपनियां भी खरीदारी करती हैं। लेकिन इस बार मौसम की मार से उत्पादन प्रभावित हुआ। फिर भी आवक बंपर है।
मंडी प्रबंधन ने बताया कि दशहरा मैदान पर अस्थायी व्यवस्था की गई। ट्रॉलियों की भारी संख्या से रास्ते जाम हो गए। किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। व्यापारी कन्हैयालाल सोनी ने कहा कि आवक बढ़ने से नीलामी में भीड़ रही। 1509 वैरायटी की धान 2,000 से 2,800 रुपये में बिकी।
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पूसा बासमती 2,500 से 3,000 रुपये तक गई। लेकिन किसान जयराम और महेश भार्गव जैसे लोग नाखुश हैं। उन्होंने बताया कि एक एकड़ की लागत 35-40 हजार रुपये है। कम भाव से नुकसान हो रहा।
रायसेन मंडी में धान सीजन चरम पर। नवरात्रि से शुरू हुई आवक अब पीक पर पहुंच गई। मंडी सचिव ने अनुमान लगाया कि दिवाली तक भाव सुधर सकते हैं। कुल मिलाकर 30 लाख क्विंटल तक आवक हो सकती है। लेकिन किसान संगठनों ने मांग की है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को सख्ती से लागू करे। खरीफ सीजन में धान मुख्य फसल है। अच्छे भाव से किसानों की दिवाली रोशन हो सकती है।
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यह रिकॉर्ड आवक पिछले साल से ज्यादा है। 2024 में 18 लाख क्विंटल धान बिका था। इस बार 26 लाख क्विंटल पहले ही निपट चुका। किसानों को सलाह दी गई कि वे मंडी ऐप से भाव चेक करें। अस्थायी मंडी में सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। लेकिन ट्रैफिक जाम से परेशानी बनी हुई। स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान बनाया। किसान बोले, “भाव न बढ़े तो धान रोक लेंगे।” मंडी का माहौल जोश भरा रहा। व्यापारियों ने पूजा-अर्चना कर नीलामी शुरू की। रायसेन की यह मंडी छह जिलों से धान खींचती है।