Rajgarh News : राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में 622 ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों की कलम बंद हड़ताल शुक्रवार को पांचवें दिन भी जारी रही। इससे ग्रामीण विकास, किसानों के आवेदन और जनकल्याण से जुड़े सारे काम ठप हो गए हैं। ग्रामीण खाली हाथ लौट रहे हैं। जिला पंचायत कार्यालय के बाहर सैकड़ों रोजगार सहायक धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों ने मुलाकात तक नहीं की। हड़ताल 13 अक्टूबर से जनपद स्तर पर और 27 अक्टूबर से जिला स्तर पर चल रही है।
रोजगार सहायक संगठन के जिलाध्यक्ष सागर सिंह गुर्जर ने बताया, “हमारी मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। पिछले 5 दिनों में कोई अधिकारी बात करने नहीं आया। ग्रामीण परेशान हो रहे हैं।” गुर्जर ने कहा कि राजगढ़ जनपद पंचायत के सीईओ आशीष जोशी शासन के आदेशों का पालन नहीं कर रहे। इसलिए 13 अक्टूबर से जनपद के सहायक हड़ताल पर हैं। 27 अक्टूबर से पूरे जिले की 622 पंचायतों के सहायक शामिल हो गए। ज्ञापन कलेक्टर और सीईओ को सौंपा गया।
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ग्रामीणों को हो रही परेशानी
हड़ताल से ग्राम पंचायतों का काम रुक गया। किसानों के MGNREGA आवेदन, प्रमाण पत्र जारी, पेंशन फॉर्म, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सब अटके हैं। एक ग्रामीण ने कहा, “फसल नुकसान का मुआवजा आवेदन करना था। सहायक हड़ताल पर। तीन दिन से चक्कर लगा रहे।” ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि जल्द बातचीत हो।
मुख्य मांगें क्या हैं?
जहां सचिव नहीं हैं, वहां रोजगार सहायकों को वित्तीय प्रभार दें।
तीन महीने से लंबित वेतन तत्काल भुगतान करें।
शासन के आदेशों का पालन करें।
हड़ताल की शुरुआत 30 सितंबर को पदमपुरा पंचायत से हुई। वहां सचिव रिटायर हुए। सहायक सिद्धू अहिरवार ने वित्तीय प्रभार मांगा, लेकिन सीईओ ने अस्वीकार किया। इससे नाराजगी भड़की। 3 दिन का अल्टीमेटम दिया। कोई प्रतिक्रिया न आने पर हड़ताल शुरू।
प्रशासन का पक्ष
ईटीवी भारत ने जिला पंचायत सीईओ इच्छित गढ़पाले से बात की। उन्होंने कहा, “ये लोग मुझसे मिले नहीं। मैं उन्हें बुलाकर बात करूंगा। फैसला होने पर बताएंगे।” कलेक्टर ने भी कहा कि मांगें उचित हैं। जल्द समाधान होगा। लेकिन सहायकों ने कहा, “ज्ञापन सौंपा। कोई कार्रवाई नहीं।”
हड़ताल का असर
राजगढ़ जिले में 622 ग्राम पंचायतें हैं। रोजगार सहायक इनका मुख्य कर्तव्य निभाते हैं। हड़ताल से MGNREGA, पेंशन, प्रमाण पत्र सब रुके। किसान बोले, “बारिश से फसल बर्बाद। आवेदन ही नहीं हो रहा।” संगठन ने कहा, “मांगें मानें, तो काम शुरू।”
राज्य स्तर पर रोजगार सहायक संगठन ने समर्थन दिया। कहा, “प्रदेश में कई जगह ऐसी हड़तालें। सरकार ध्यान दे।” मध्य प्रदेश में 2025 में ग्राम रोजगार सहायक भर्ती की घोषणा हुई। लेकिन पुरानी समस्याएं बरकरार। सहायकों का वेतन 9,000-12,000 रुपये। मांग है कि सचिव न होने पर प्रभार मिले।