MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर स्थित मुख्य पीठ ने 15 मार्च को हुई मऊगंज हिंसा के संबंध में प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी, मऊगंज के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, सीबीआई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किए हैं।
रीवा के हनुमना निवासी पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने मऊगंज हिंसा की सीबीआई जांच की मांग करते हुए जनहित याचिका दायर की थी। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की और सरकार को स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
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याचिका के अनुसार, मऊगंज के गदरा गाँव में आदिवासी परिवारों पर भू-माफियाओं ने हमला किया था, जो उन्हें उनकी ज़मीन खाली करने के लिए मजबूर कर रहे थे।स्थिति हिंसक हो गई, जिसके परिणामस्वरूप व्यापक झड़पें हुईं। हिंसा के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक एएसआई की भी मौत हो गई।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि माफिया ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कई आदिवासी लोगों की हत्या कर दी। इन मौतों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हिंसा में लगभग आधा दर्जन लोग मारे गए, जबकि 150 से ज़्यादा आदिवासी परिवार कथित तौर पर अपने घर छोड़कर गायब हो गए।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील काज़ी फ़ख़रुद्दीन ने अदालत को बताया कि संबंधित अधिकारियों और उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।