Betul News : बैतूल। मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में देरी ने नवविवाहित जोड़ों को परेशान कर दिया है। बैतूल जिले के आठनेर ब्लॉक में 16 मई 2024 को 194 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ था लेकिन सात माह बाद भी सहायता राशि उनके खातों में नहीं पहुंची। शनिवार को जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन के नेतृत्व में ये जोड़े बैतूल पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से तत्काल भुगतान की मांग की।
जयस कार्यकर्ता सोनू पानसे ने बताया कि वे खुद एक दूल्हा हैं। विवाह के बाद अन्य ब्लॉकों के लाभार्थियों को राशि मिल चुकी है। लेकिन आठनेर में फंड की कमी बताकर टाल दिया जा रहा है। जोड़े कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि पैसे नहीं आए। सोनू ने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों की मदद के लिए है। देरी से लोगों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं।
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एक दुल्हन गुनता ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने योजना पर भरोसा कर शादी की थी। राशि से घर बसाने का सपना था। लेकिन अब सात माह बीत गए। कर्ज चुकाने में दिक्कत हो रही है। गुनता बोलीं, “हम गरीब हैं। यह राशि हमारी उम्मीद थी। अब क्या करें?” संगठन के मुताबिक, देरी से कई जोड़े कर्जदार बन गए। शादी के खर्चे के लिए रिश्तेदारों से उधार लिया। अब ब्याज भी दे रहे हैं।
जिले में यह समस्या सिर्फ आठनेर तक सीमित नहीं। जुलाई 2025 की खबरों के अनुसार, बैतूल के पांच ब्लॉकों में 3324 जोड़ों को दो माह बाद भी राशि नहीं मिली। भैंसदेही, चिचोली जैसे इलाकों में भी यही शिकायतें हैं। योजना के तहत गरीब परिवारों की कन्याओं को 49 हजार रुपये की मदद मिलती है। लेकिन राज्य शासन से फंड न आने से भुगतान रुका है।
जिला पंचायत के सीईओ अक्षत जैन ने स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राज्य से राशि अभी नहीं आई। जैसे ही आएगी, पात्र जोड़ों के खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर हो जाएगा। जैन ने लाभार्थियों से धैर्य रखने की अपील की। लेकिन जोड़ों ने चेतावनी दी। अगर जल्द राशि न मिली, तो जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। जयस संगठन ने कहा कि यह आंदोलन जारी रखेंगे।