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Vidisha News : सोयाबीन भावांतर योजना शुरू, 7 मंडियों और 2 उप-मंडियों में सोयाबीन बेचें किसान

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Vidisha News : विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सोयाबीन की खरीद ने किसानों को राहत दी। भावांतर भुगतान योजना के तहत आज से मंडियों में सोयाबीन की खरीदी शुरू हो गई। सुबह से ही सैकड़ों किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे। लेकिन कई किसान प्रक्रिया को लेकर कन्फ्यूज दिखे। मंडी अधिकारियों ने साफ किया कि समर्थन मूल्य पर खरीद हो रही है। अगर बाजार भाव कम रहा, तो अंतर की राशि सीधे खाते में आएगी। जिले की नौ मंडियों में यह खरीद 15 जनवरी 2026 तक चलेगी।

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खरीदी की शुरुआत

सुबह होते ही विदिशा, गंजबासौदा, सिरोंज, शमशाबाद, लटेरी, कुरवाई, गुलाबगंज, बागरोद और आनंदपुर मंडियों में किसानों की भीड़ लग गई। एक किसान ने कहा, “हमने सुना है कि MSP का फायदा मिलेगा। लेकिन कागजी काम जटिल लग रहा।” मंडी सचिव नीलकमल वैद्य ने अपील की कि फसल साफ-सुथरी लाएं। सोयाबीन में 12% से ज्यादा नमी पर लाभ नहीं मिलेगा। कचरा या सिकुड़ी दाने होने पर भी योजना से बाहर। सहायक निरीक्षक गुणवत्ता चेक कर रहे हैं। अगर फसल खराब पाई गई, तो किसान निराश हो सकते हैं।

योजना के नियम सरल

भावांतर योजना सोयाबीन किसानों के लिए वरदान है। समर्थन मूल्य 5328 रुपये प्रति क्विंटल है। मंडी में जो भी भाव मिले, MSP से कम होने पर अंतर सरकार भरेगी। लेकिन कुछ शर्तें हैं। पंजीकरण ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर तक होना जरूरी। अब तक प्रदेश में 9.36 लाख किसानों ने रजिस्टर किया। विदिशा में 2207 किसान पंजीकृत। खरीदी के 14 दिन बाद, 7 नवंबर को मॉडल रेट जारी होगा। फिर अंतर की राशि बैंक में आएगी।

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मंडी अधिकारियों ने चेतावनी दी। नकद भुगतान पर लाभ नहीं। व्यापारी से ऑनलाइन RTGS या NEFT ही लें। पंजीकृत खाते में ही पैसे आएंगे। अगर नकद लिया, तो योजना का फायदा खो देंगे। एक किसान ने पूछा, “व्यापारी नकद दे रहा है। क्या करें?” अधिकारी बोले, “ऑनलाइन लें। वरना नुकसान आपका।”

किसानों की तैयारी

कई किसान फसल सुखाकर लाए। लेकिन कुछ ने कचरा न छांटा। एक जगह निरीक्षक ने फसल रिजेक्ट कर दी। किसान ने शिकायत की। वैद्य ने कहा, “गुणवत्ता ही योजना का आधार है। साफ फसल लाएं।”

प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिए। मंडियों में निगरानी बढ़ाएं। किसानों को जानकारी दें। डीबीटी से पैसे पहुंचाएं। अतिवर्षा से फसल खराब हुई। योजना से नुकसान की भरपाई होगी।

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यह योजना 2017 में शुरू हुई। अब सोयाबीन पर फोकस। किसान संघों ने सराहना की। लेकिन पंजीकरण बढ़ाने की मांग। विदिशा में जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन जारी की। किसान MP किसान ऐप या PACS से संपर्क करें। खरीदी से किसानों की आय स्थिर होगी। लेकिन प्रक्रिया सरल बनाने की जरूरत।

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