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Nauradehi Tiger Reserve : बाघों का कुनबा बढ़ा, टाइगर रिजर्व में ऑनलाइन बुकिंग शुरू, पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं

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Nauradehi Tiger Reserve : सागर। मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व वीरांगना रानी दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व अब पर्यटन का नया केंद्र बनने को तैयार है। यहां बाघों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अफ्रीकन चीता के तीसरे घर के रूप में विकास कार्य जोरों पर हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। निजी रिसॉर्ट्स खुल रहे हैं। यह रिजर्व सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिलों में फैला 2,339 वर्ग किलोमीटर का विशाल क्षेत्र है। वन विभाग ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई नई योजनाएं लागू की हैं।

6 साल में 23 की संख्या

नौरादेही टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण की सफलता की कहानी कमाल की है। 2019 में बाघिन राधा और बाघ किशन को यहां बसाया गया था। महज 6 सालों में बाघों का कुनबा 23 तक पहुंच गया। प्रबंधन ने पुष्टि की है कि यह संख्या प्रमाणित है। लेकिन स्थानीय लोग दावा करते हैं कि वास्तव में 30 से ज्यादा बाघ हैं।

Nauradehi Tiger Reserve : बाघों का कुनबा बढ़ा, टाइगर रिजर्व में ऑनलाइन बुकिंग शुरू, पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं

डिप्टी डायरेक्टर डॉ. ए.ए. अंसारी ने कहा, “हम प्रमाण के बिना संख्या नहीं बढ़ाते। लेकिन निगरानी जारी है।” यहां काले हिरण, चीतल, सांभर और भेड़िया जैसे जानवर भी प्रचुर हैं। यह रिजर्व पन्ना और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को जोड़ने का कॉरिडोर भी है।

अफ्रीकन चीता प्रोजेक्ट

अफ्रीकन चीता परियोजना में नौरादेही को तीसरा प्रमुख स्थल बनाया जा रहा है। 2010 में जब भारत में चीता लाने का फैसला हुआ, तो सबसे पहले नौरादेही का सर्वे हुआ। 2014 से विस्थापन प्रक्रिया चली। 2018 में रिजर्व को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण योजना में शामिल किया गया।

मई 2025 में चीता विशेषज्ञों ने दौरा किया। उन्होंने प्रबंधन को कई निर्देश दिए। अब वन विभाग इन पर काम कर रहा है। कुनो नेशनल पार्क के बाद नौरादेही चीतों के लिए आदर्श जगह बनेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां का सवाना पारिस्थितिकी चीतों के लिए परफेक्ट है।

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पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग ने कदम तेज कर दिए हैं। इस साल अक्टूबर से ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो गई। पर्यटक अब आसानी से सफारी बुक कर सकते हैं। फिलहाल हिनौती और बीना वारहा गेट खुले हैं। भविष्य में दमोह और नरसिंहपुर में भी गेट खुलेंगे। डॉ. अंसारी ने बताया, “हिनौती गेट पर सुबह-शाम 4-4 टिकट काउंटर हैं। बीना वारहा पर एक-एक काउंटर। दो गाड़ियों के लिए ऑफलाइन बुकिंग भी उपलब्ध है।”

रहली-जबलपुर मार्ग पर छिरारी गांव में इंटरप्रिटेशन सेंटर बन रहा है। 4 हेक्टेयर जमीन आवंटित हो चुकी है। यहां टिकट हाउस, पार्किंग और बच्चों के लिए गेम जोन बनेगा। साइट को मंजूरी मिलते ही काम तेज होगा।

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रिजर्व के पास दो निजी रिसॉर्ट खुल चुके हैं। कई निर्माणाधीन हैं। एक रिसॉर्ट मालिक ने कहा, “पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। हम ईको-फ्रेंडली सुविधाएं दे रहे हैं।” साइट के आधिकारिक पोर्टल पर बुकिंग की जानकारी उपलब्ध है।

 

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