Ladli Behna Yojana : भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को दोगुना तोहफा देने की तैयारी पूरी कर ली है। प्रदेश की 1 करोड़ 26 लाख बहनों के लिए अक्टूबर और नवंबर का महीना खुशियों भरा रहने वाला है। अक्टूबर की 1250 रुपये की मासिक किस्त पहले ही उनके खातों में पहुंच चुकी है।
अब दीपावली के बाद भाई दूज पर 250 रुपये की अतिरिक्त राशि का शगुन मिलेगा। इससे अक्टूबर की कुल राशि 1500 रुपये हो जाएगी। नवंबर से यह 1500 रुपये की मासिक किस्त स्थायी रूप से मिलने लगेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसकी घोषणा पहले ही कर चुके हैं। यह कदम महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करेगा।
अक्टूबर को 250 रुपये का तोहफा
भाई दूज का त्योहार बहनों के लिए हमेशा खास होता है। इस बार मोहन सरकार ने इसे और यादगार बनाने का फैसला लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान आभार सम्मेलन में ऐलान किया था कि भाई दूज पर लाड़ली बहनों के खातों में 250 रुपये की अतिरिक्त राशि भेजी जाएगी। यह राशि 23 अक्टूबर को जमा हो जाएगी। अक्टूबर की 1250 रुपये की किस्त पहले ही ट्रांसफर हो चुकी है। इस शगुन राशि के साथ कुल 1500 रुपये मिलेंगे।
बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा, “मोहन सरकार ने वचनों को पूरा करने का वादा निभाया है। लाड़ली बहनें आर्थिक रूप से मजबूत हों, त्योहार मनाएं, इसके लिए बड़े अवसरों पर अतिरिक्त मदद दी जाती है।” यह शगुन राशि महिलाओं को त्योहारों में अतिरिक्त सहारा देगी। रक्षाबंधन पर भी इसी तरह 250 रुपये का बोनस दिया गया था। अब भाई दूज पर यह परंपरा जारी रहेगी।
1250 से 1500 रुपये प्रति माह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कहा है कि अक्टूबर से ही मासिक किस्त 1250 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई है। अक्टूबर में 1250 रुपये पहले भेजे गए। बाकी 250 रुपये भाई दूज पर आ जाएंगे। लेकिन नवंबर की किस्त में पूरा 1500 रुपये एकमुश्त मिलेगा। यह वृद्धि महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। योजना की 29वीं किस्त के समय ही इसकी घोषणा हो चुकी थी।
सरकार का दावा है कि यह फैसला महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। लाड़ली बहना योजना 2023 में शुरू हुई थी। तब से हर महीने 1250 रुपये दिए जा रहे हैं। अब 1500 रुपये से महिलाओं का घरेलू बजट बेहतर होगा।
एक लाभार्थी ने कहा, “यह राशि बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद करती है। वृद्धि से राहत मिलेगी।” योजना के तहत 21 से 60 साल की महिलाओं को लाभ मिलता है।
महिलाओं का सशक्तिकरण
लाड़ली बहना योजना का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा, “बहनों के हाथों से एक पैसा भी बर्बाद नहीं होता। यह राशि परिवार की भलाई में लगती है।”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “कांग्रेस भ्रम फैला रही थी कि योजना बंद हो जाएगी। लेकिन हम वादे निभाते हैं।” बीजेपी का कहना है कि यह योजना गेम चेंजर साबित हुई। भविष्य में राशि 3000 रुपये तक बढ़ाने की योजना भी है।
प्रदेश सरकार ने योजना के लिए अलग पोर्टल बनाया है। महिलाएं पेमेंट स्टेटस चेक कर सकती हैं। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड जरूरी है। अब तक 1 करोड़ 27 लाख महिलाएं लाभ ले रही हैं। सिंगल क्लिक से राशि ट्रांसफर होती है। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।
मोहन सरकार ने महिलाओं के लिए कई नई योजनाएं लाने का संकेत दिया है। राइजिंग मध्य प्रदेश कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि लाड़ली बहना योजना जारी रहेगी। राशि 3000 रुपये तक बढ़ाई जा सकती है। साथ ही रोजगार और स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ा जाएगा। भाजपा ने वचन पत्र में महिलाओं को 3000 रुपये तक देने का वादा किया था। इसका पालन हो रहा है।