MP Cough Syrup Scandal : छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में जहरीली कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ से जुड़े मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। तमिलनाडु की श्रीसन फार्मा कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को सोमवार को स्थानीय अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने उन्हें चेन्नई से गिरफ्तार कर तमिलनाडु के कांचीपुरम ले जाकर पूछताछ की थी। वहां की अदालत ने 10 दिनों की पुलिस हिरासत दी थी। अब हिरासत खत्म होने पर उन्हें परासिया लाकर पेश किया गया।
MP Cough Syrup Scandal : जहरीली ‘कोल्ड्रिफ’ से 24 मासूमों की मौत, कंपनी मालिक पहुंचा जेल
बच्चों की रहस्यमयी मौतें
यह दर्दनाक घटना छिंदवाड़ा जिले के परासिया इलाके से शुरू हुई। सितंबर 2025 से बच्चे अचानक बीमार पड़ने लगे। खांसी की दवा के रूप में दी गई ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप पीने के बाद कई बच्चों की किडनी फेल हो गई। शुरुआत में छह मौतों के बाद अलर्ट हुआ। जांच में सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल नामक जहरीला केमिकल पाया गया। यह केमिकल 48.6% तक मौजूद था।
सामान्यत: यह मात्रा नाममात्र होनी चाहिए। नतीजा? कम से कम 24 बच्चों की जान चली गई। ये बच्चे छिंदवाड़ा, बैतूल और आसपास के जिलों के थे। उम्र महज 1 से 5 साल के बीच। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक मां ने बताया, “बच्चा खांस रहा था। डॉक्टर ने यही सिरप लिखा। दो ही खुराक के बाद हालत बिगड़ गई।”
गिरफ्तारी और जांच का सिलसिला
एसआईटी प्रमुख जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि रंगनाथन गोविंदन फरार थे। पुलिस ने उनके सिर पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 8 अक्टूबर को चेन्नई में दबिश देकर उन्हें पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि कंपनी ने बिना उचित परीक्षण के सिरप बनाया। 364 उल्लंघन पाए गए। फैक्ट्री से 589 बोतलें जब्त हुईं, जो छिंदवाड़ा भेजने को तैयार थीं।
कांचीपुरम स्थित निर्माण इकाई को सील कर दिया गया। एसआईटी ने गोविंदन को ट्रांजिट रिमांड पर मध्य प्रदेश लाया। सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम गुर्जर की अदालत में पेशी हुई। जमानत याचिका खारिज हो गई। अब वे जेल में रहेंगे।
पहले से हिरासत में तीन आरोपी
इस कांड में डॉक्टर प्रवीण सोनी मुख्य आरोपी हैं। उन्होंने सिरप प्रिस्क्राइब किया था। उनके भतीजे और थोक विक्रेता राजेश सोनी तथा डॉ. सोनी की पत्नी के मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्ट सौरभ जैन पहले से न्यायिक हिरासत में हैं।
डॉ. सोनी की जमानत स्थानीय अदालत ने खारिज कर दी। अब वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट गए हैं। एसआईटी का कहना है कि डॉक्टर ने कमीशन के लालच में जहरीली दवा बांटी। जांच में और नाम उजागर हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत कदम उठाए। दो औषधि निरीक्षकों और एफडीए के उप निदेशक को निलंबित किया। राज्य औषधि नियंत्रक का तबादला हो गया। ‘कोल्ड्रिफ’ की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा। कंपनी के सभी उत्पाद बैन।
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तमिलनाडु सरकार ने भी लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई शुरू की। सीडीएससीओ ने देशभर में कफ सिरप कंपनियों की जांच के आदेश दिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ट्वीट कर शोक जताया। परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया। लेकिन विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।